
बलरामपुर फर्जी लोन कांड: किसानों के नाम पर लाखों का घोटाला, बैंक और रसूखदारों की मिलीभगत की आशंका
बलरामपुर में सहकारी बैंक से किसानों के नाम पर फर्जी केसीसी लोन कांड का बड़ा खुलासा। किसानों को बिना लोन लिए वसूली नोटिस मिला। ग्रामीणों में आक्रोश, बैंक अधिकारियों और रसूखदारों की मिलीभगत की आशंका
बलरामपुर फर्जी लोन कांड: किसानों के नाम पर लाखों का घोटाला, बैंक और रसूखदारों की मिलीभगत की आशंका
बलरामपुर में सहकारी बैंक से किसानों के नाम पर फर्जी केसीसी लोन कांड का बड़ा खुलासा। किसानों को बिना लोन लिए वसूली नोटिस मिला। ग्रामीणों में आक्रोश, बैंक अधिकारियों और रसूखदारों की मिलीभगत की आशंका
बलरामपुर में फर्जी लोन कांड का बड़ा खुलासा
भला गांव से शुरू हुआ मामला, कई गांवों तक फैलने की आशंका; किसानों में आक्रोश
बलरामपुर। जिले में सहकारी बैंक से किसानों के नाम पर फर्जी लोन घोटाले का मामला उजागर हुआ है। मामला तब सामने आया जब जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अंबिकापुर शाखा रामानुजगंज से अचानक कई ग्रामीणों को लोन वसूली का नोटिस भेजा गया।
किसानों ने कहा—कभी लोन लिया ही नहीं
भला गांव के किसान रूपलाल कृषक ने बताया कि उन्होंने कभी बैंक से कोई लोन नहीं लिया, लेकिन बैंक रिकॉर्ड में उनके नाम पर ₹3,20,000 का केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) लोन दर्ज है।
इसी तरह किसानों बजरंग रामलाल, हरिचरण और मानसाय के नाम से भी ₹1,60,000–₹1,60,000 के फर्जी लोन दर्ज किए गए।
ग्रामीण देवकल आयाम और अन्य किसानों ने भी यही कहा कि नोटिस आने के बाद ही उन्हें इस घोटाले का पता चला।
बैंक और रसूखदारों की मिलीभगत?
किसानों का आरोप है कि छोटे किसानों के नाम पर लाखों का केसीसी लोन स्वीकृत किया गया और एक ही दिन डीएमआर से कैश निकासी कर ली गई। ग्रामीणों को शक है कि इसमें बैंक अधिकारियों और कुछ रसूखदार लोगों की मिलीभगत हो सकती है।
आक्रोश और आशंका
ग्रामीणों का कहना है कि अगर भला गांव में यह मामला सामने आया है तो ऐसे फर्जी लोन घोटाले अन्य गांवों में भी फैले हो सकते हैं।
किसानों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि उनके नाम पर कर्ज चढ़ाया गया और उन्हें ही नोटिस थमा दिया गया।











