नक्सली बुद्धेश्वर का अंत. गुमला: जिले के घोर नक्सल प्रभावित कुरुमगढ़ थाना क्षेत्र में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन भा०क०पा० (माओ०) के रिजनल कमिटी मेम्बर एवं सेक्रेटरी कोयल- शंख जोन, बुद्धेश्वर उराँव के नेतृत्व में काफी संख्या में नक्सलियों के जमा होने

*नक्सली बुद्धेश्वर का अंत…*

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गुमला: जिले के घोर नक्सल प्रभावित कुरुमगढ़ थाना क्षेत्र में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन भा०क०पा० (माओ०) के रिजनल कमिटी मेम्बर एवं सेक्रेटरी कोयल- शंख जोन, बुद्धेश्वर उराँव के नेतृत्व में काफी संख्या में नक्सलियों के जमा होने एवं किसी हिंसक कार्रवाई की योजना बनाने की आसूचना पर संयुक्त बलों (कोबरा, सी०आर०पी०एफ०. झारखण्ड जगुआर एवं गुमला पुलिस द्वारा घने वनों एवं पहाड़ों से अच्छादित कुरूमगढ़ थाना क्षेत्र में अभियान चलाया जा रहा है।

इस क्षेत्र में नक्सलियों के द्वारा आई0ई0डी0 का जाल बिछाया गया है तथा सुरक्षा बलों एवं गाँव वालों को लक्षित करने की योजना बनाई गई है। पूर्व में भी आई०ई०डी० के चपेट में आने से ग्रामीण तथा मवेशियों के जख्मी होने / मृत होने की घटनाएँ घटित हुई है। नक्सलियों के इन्हीं मसूबों को नाकाम करने के लिए इस क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

अभियान के क्रम में दिनांक 13.07.2021 को नक्सलियों द्वारा बिछाये गये आई0ई0डी0 के चपेट में आने से कोबरा-203 बटा0 के सी०टी० / जी०डी० नं०-135104096 विश्वजीत कुम्भकार (डॉग हैण्डलर) जख्मी हो गये थे तथा श्वान द्रोणा शहीद हो गये थे एवं दिनांक 14.07.2021 को नक्सलियों द्वारा बिछाये गये आई0ई0डी0 के चपेट में आने से 01 (एक) ग्रामीण रामदेव मुण्डा, ग्राम बारडीह, थाना कुरुमगढ़ जख्मी हो गये थे, जिनकी मृत्यु ईलाज के क्रम में हो गयी थी।

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उपरोक्त घटनाओं के बाद भी नक्सलियों के विरुद्ध अभियान जारी रहा। अभियान के क्रम में आज दिनांक 15.07.2021 को सुबह नक्सलियों द्वारा अभियान दल पर जान मारने एवं क्षति पहुँचाने की नीयत से ताबड़तोड़ फायरिंग की गयी, जिसका अभियान दल में शामिल सुरक्षा बलों द्वारा मुँहतोड़ जवाब दिया गया। मुठभेड में 01 (एक) वर्दीधारी उग्रवादी मारा गया तथा घटना स्थल से 01 ए०के० 47 रायफल 02 मैगजीन (ए०के०-47 की काफी संख्या में कारतूस, आई०ई०डी०. डेटोनेटर, मैगजीन, मोबाईल फोन, नक्सली साहित्य, पिट्ठू बैग, दवाई एवं वर्दी तथा दैनिक उपभोग के अन्य वस्तुएँ बरामद हुई। अभी तक विभिन्न श्रोतों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मृत वर्दीधारी नक्सली की पहचान प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन मा०क०पा० (माओ०) के रिजनल कमिटी मेम्बर एवं सेक्रेटरी कोयल-शंख जोन, बुद्धेश्वर उराँव, पिता बन्धू उराँव, सा०-खटगा पाकरटोली, थाना-गुमला, जिला-गुमला के रूप में की गयी, जिसकी पुख्ता पहचान हेतु अग्रतर कार्रवाई की जा रही है। यह इस क्षेत्र का दुर्दान्त नक्सली था एवं इसका इस क्षेत्र में दहशत कायम था, जिस पर झारखण्ड सरकार द्वारा 15,00,000/- (पन्द्रह लाख) रूपये का ईनाम घोषित है। मुठभेड़ के बाद बचे हुए नक्सलियों द्वारा पुनः अभियान दल पर जान मारने के नीयत से फायरिंग की गयी, जिसका मुँहतोड़ जवाब सुरक्षा बलों द्वारा दिया गया। सुरक्षा बलों को भारी पड़ता देख नक्सली घने जंगलों एवं पहाड़ों का फायदा उठाकर भाग निकले। नक्सलियों के भागने की दिशा में सर्च अभियान चलाया जा रहा है। घटना स्थल से मिले आई०ई०डी० को बम निरोधक दस्ता द्वारा निष्क्रिय किया जा रहा है।

मुठभेड़ स्थल पर अग्रतर विधि-सम्मत् कार्रवाई राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के द्वारा दिये गये दिशा-निर्देश के तहत की जा रही है। उल्लेखनीय है कि बुद्धेश्वर उराँव के दस्तें द्वारा सुरक्षा बलों एवं ग्रामीणों को क्षति

पहुँचाने के उद्देश्य से जंगली एवं पहाड़ी क्षेत्रों में आई०ई०डी० लगाये गये हैं। जिसके चपेट में आने से अब तक कुल 05 ग्रामीण मारें गये एवं 14 गम्भीर रूप से

घायल हुए है। इस क्षेत्र में यह नक्सली दहशत का पर्याय था। ग्रामीण इसके आंतक से काफी भयाक्रान्त थे। पुलिस द्वारा बुद्धेश्वर उराँव के दस्ते का दहशत खत्म करने हेतु लगातार अभियान चलाया जा रहा था तथा लगाये गये आई0ई0डी0 को निष्क्रिय किया जा रहा था।

बुद्धेश्वर उराँव के विरुद्ध गुमला जिला में 81, सिमडेगा जिला में 16 लोहरदगा जिला में 04, लातेहार जिला में 06 एवं गढ़वा जिला में 02 कुल 109 काण्ड यथा हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती, लूट, रंगदारी, आगजनी, पुलिस पार्टी पर हमला एवं अन्य नक्सल घटनाओं से संबंधित काण्ड प्रतिवेदित हुए हैं। यह झारखण्ड पुलिस एवं सी०आर०पी०एफ० के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धी है।