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घाटशिला उपचुनाव 2025: 11 नवंबर को मतदान, JMM के सोमेश सोरेन और BJP के बाबूलाल सोरेन में होगी सीधी टक्कर

घाटशिला उपचुनाव 2025: 11 नवंबर को मतदान, JMM के सोमेश सोरेन और BJP के बाबूलाल सोरेन में होगी सीधी टक्कर

झारखंड के घाटशिला विधानसभा उपचुनाव की तारीखें घोषित। 11 नवंबर को मतदान और 14 नवंबर को मतगणना होगी। JMM से सोमेश सोरेन और BJP से बाबूलाल सोरेन आमने-सामने हो सकते हैं।

रांची/घाटशिला, 07 अक्टूबर 2025।झारखंड की राजनीति में एक बार फिर सरगर्मी बढ़ गई है। घाटशिला विधानसभा सीट (अनुसूचित जनजाति-एसटी आरक्षित) पर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है।
भारत निर्वाचन आयोग ने सोमवार को घोषणा की कि घाटशिला उपचुनाव के लिए 11 नवंबर 2025 को मतदान और 14 नवंबर को मतगणना होगी।

यह उपचुनाव पूर्व विधायक और मंत्री रामदास सोरेन के निधन के कारण आवश्यक हो गया है।


चुनाव की तारीखें और तैयारी

घाटशिला उपचुनाव की घोषणा के साथ ही जिला प्रशासन ने सभी चुनावी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं।
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसएसआर) के बाद 29 सितंबर 2025 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई।


कौन-कौन होंगे उम्मीदवार?

सूत्रों के अनुसार, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) से पूर्व मंत्री रामदास सोरेन के पुत्र सोमेश सोरेन को उम्मीदवार बनाया जा सकता है।
चर्चा है कि पार्टी उन्हें हेमंत सोरेन सरकार में मंत्री पद भी दे सकती है।

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वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन को प्रत्याशी बनाए जाने की संभावना है।
इस तरह घाटशिला सीट पर दो प्रमुख सोरेन परिवारों के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल सकती है।


घाटशिला विधानसभा सीट के मतदाता समीकरण

अंतिम मतदाता सूची के अनुसार —

  • कुल मतदाता: 2,55,823

  • पुरुष मतदाता: 1,24,899

  • महिला मतदाता: 1,30,921

महिला मतदाता पुरुषों से 6,000 से अधिक हैं, जो चुनावी परिणामों में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
कुल 300 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।


जेएमएम का गढ़ रही है घाटशिला सीट

घाटशिला विधानसभा सीट को परंपरागत रूप से जेएमएम का मजबूत गढ़ माना जाता है।
दिवंगत विधायक रामदास सोरेन ने इस क्षेत्र में लम्बे समय तक जनता का भरोसा बनाए रखा था।
अब यह उपचुनाव उनके परिवार के लिए राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का अवसर होगा।
दूसरी ओर, बीजेपी के लिए यह सीट राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करने का मौका है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह उपचुनाव झारखंड में JMM बनाम BJP गठबंधन की शक्ति परीक्षा साबित होग

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