राहुल गांधी को सुल्तानपुर कोर्ट से बड़ी राहत: 2013 के कथित ISI बयान मामले में निगरानी याचिका खारिज
सुल्तानपुर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली से सांसद राहुल गांधी को सुल्तानपुर की एमपी एमएलए सेशन कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने 2013 के एक कथित आपत्तिजनक बयान से संबंधित मामले में उनके खिलाफ दायर निगरानी याचिका को निरस्त कर दिया है।
क्या था पूरा मामला?
यह पूरा मामला अक्टूबर 2013 का है, जब राहुल गांधी कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष थे।
- बयान: राहुल गांधी पर आरोप था कि उन्होंने इंदौर में एक चुनावी जनसभा के दौरान मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र करते हुए मुस्लिम युवकों पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) से संबंध होने का बयान दिया था।
- शिकायत: राहुल के इस बयान पर खूब हंगामा मचा था और अधिवक्ता मोहम्मद अनवर ने उनके खिलाफ शिकायत (परिवाद) दर्ज कराई थी।
कोर्ट का फैसला
परिवादी मोहम्मद अनवर ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के फैसले के खिलाफ जिला जज की कोर्ट में निगरानी याचिका दाखिल की थी।
- पिछला फैसला: 30 जनवरी को स्पेशल मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने इस परिवाद को पहले ही खारिज कर दिया था।
- सेशन कोर्ट का फैसला: एमपी एमएलए सेशन कोर्ट में आज राहुल गांधी के वकील काशी प्रसाद शुक्ल ने अपना पक्ष रखा। फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय के न्यायाधीश राकेश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद राहुल के खिलाफ दायर निगरानी याचिका को खारिज कर दिया है।
इस फैसले से राहुल गांधी को इस पुराने और विवादित मामले में कानूनी मोर्चे पर बड़ी राहत मिली है।












