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Ayodhya Darshan Today: 25 अक्टूबर को रामलला का अलौकिक श्रृंगार, जानें बाल भोग और आरती का पूरा शेड्यूल

अयोध्या: कार्तिक शुक्ल तृतीया (25 अक्टूबर) को श्री रामलला का भव्य अलौकिक श्रृंगार, जानें पूरे दिन का शेड्यूल

अयोध्या धाम: संपूर्ण ब्रह्मांड के स्वामी प्रभु श्री रामलला सरकार का श्रृंगार प्रतिदिन अत्यंत भव्य रूप में होता है। आज, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि, विक्रम संवत 2082 (25 अक्टूबर 2025, शनिवार) को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अयोध्या धाम में ब्रह्मांड नायक श्री रामलला सरकार का शुभ अलौकिक श्रृंगार किया गया।

रामलला प्रतिदिन भक्तों को अलग-अलग और दिव्य रूप में दर्शन देते हैं। उनकी फूलों की माला भी विशेष रूप से दिल्ली से मंगाई जाती है।

रामलला के दैनिक दर्शन और आरती का समय

रामलला की दिनचर्या और पूजन कार्यक्रम मौसम के अनुसार तय किए जाते हैं, ताकि उन्हें अधिकतम आराम मिल सके।

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कार्यक्रम समय विवरण
पहली आरती/जागरण सुबह 6:30 बजे रामलला को जगाने के साथ ही दिन के पूजन की शुरुआत होती है। इसके बाद उन्हें लेप लगाकर, स्नान करवाया जाता है और वस्त्र पहनाया जाता है।
बाल भोग सुबह की शुरुआत में सुबह की शुरुआत में रामलला को बाल भोग लगाया जाता है।
वस्त्र (आज) पूरे दिन हर दिन और मौसम के हिसाब से अलग-अलग वस्त्र पहनाए जाते हैं। आज के लिए विशेष वस्त्रों का चयन किया गया।
भोग आरती दोपहर 12:00 बजे दोपहर के भोग के बाद रामलला की आरती की जाती है।
संध्या आरती शाम 7:30 बजे शाम को रामलला की संध्या आरती होती है।
दर्शन समापन शाम 7:30 बजे तक श्रद्धालु रामलला के दर्शन शाम 7:30 बजे तक ही कर सकते हैं।
शयन रात 8:30 बजे संध्या आरती और अंतिम भोग के बाद रामलला को शयन (विश्राम) करवाया जाता है।

राम मंदिर की रसोई में रामलला के लिए हर दिन और समय के हिसाब से अलग-अलग, सात्विक व्यंजन तैयार किए जाते हैं।


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