Ayodhya Ramlala Aarti 27 October: रामलला का अलौकिक श्रृंगार, आज के भोग और दर्शन का समय

Ayodhya Ramlala Aarti Live Darshan 27 October (सोमवार): श्री रामलला का भव्य श्रृंगार और भोग व्यवस्था

अयोध्या में विराजमान संपूर्ण ब्रह्मांड के स्वामी प्रभु श्री रामलला का श्रृंगार प्रतिदिन अत्यंत भव्य रूप में होता है। रामलला हर दिन भक्तों को अलग-अलग रूप में दर्शन देते हैं।

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आज रामलला का अलौकिक श्रृंगार

  • तिथि: कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि, विक्रम संवत 2082 (आज 27 अक्टूबर) को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अयोध्या धाम में ब्रह्मांड नायक श्री रामलला सरकार का शुभ अलौकिक श्रृंगार हुआ।
  • वस्त्र और सज्जा: रामलला को हर दिन और मौसम के हिसाब से अलग-अलग वस्त्र पहनाए जाते हैं। गर्मियों में सूती और हल्के वस्त्र, तो जाड़े में स्वेटर और ऊनी वस्त्र पहनाए जाते हैं। रामलला की फूलों की माला भी विशेष रूप से दिल्ली से मंगाई जाती है।

रामलला की दैनिक पूजा और भोग व्यवस्था

रामलला की दिनचर्या और पूजा-आरती का क्रम इस प्रकार है:

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समय अनुष्ठान विवरण
सुबह 6:30 बजे पहली आरती (मंगला आरती) रामलला को जगाने से पूजन शुरू होता है, जिसके बाद उन्हें लेप लगाने, स्नान करवाने और वस्त्र पहनाने का क्रम होता है।
सुबह बाल भोग दिन की शुरुआत बाल भोग से होती है। रामलला को चार समय भोग लगता है, जिसके व्यंजन राम मंदिर की रसोई में तैयार होते हैं।
दोपहर 12:00 बजे भोग आरती दोपहर का भोग लगाया जाता है, जिसके बाद भोग आरती होती है।
शाम 7:30 बजे संध्या आरती शाम की संध्या आरती होती है।
रात 7:30 बजे तक दर्शन समय रामलला के दर्शन 7:30 बजे तक ही किए जा सकते हैं।
रात 8:30 बजे शयन संध्या आरती के बाद रामलला को 8:30 बजे शयन करवाया जाता है।

रामलला को हर दिन और समय के हिसाब से अलग-अलग व्यंजन परोसे जाते हैं।


(यह जानकारी धार्मिक अनुष्ठानों और रिपोर्टों पर आधारित है।)