Ayodhya Ramlala Darshan: 28 अक्टूबर (मंगलवार) का दिव्य श्रृंगार, आरती और भोग का समय, दर्शन टाइमिंग

अयोध्या रामलला: 28 अक्टूबर (मंगलवार) का दिव्य श्रृंगार और पूजन

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अयोध्या धाम में विराजमान संपूर्ण ब्रह्मांड के नायक प्रभु श्री रामलला सरकार का श्रृंगार और पूजन प्रतिदिन भव्य रूप में होता है। रामलला कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि, विक्रम संवत 2082 (28 अक्टूबर, मंगलवार) को भक्तों को दिव्य और अलौकिक रूप में दर्शन दे रहे हैं।

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आज का अलौकिक श्रृंगार

  • दिव्य रूप: रामलला को आज के दिन, मौसम और तिथि के अनुरूप, भव्य वस्त्रों और फूलों की माला से सुसज्जित किया गया। रामलला के लिए फूलों की मालाएं विशेष रूप से दिल्ली से मंगाई जाती हैं, जिससे उनका स्वरूप प्रतिदिन अलग और मनमोहक होता है।
  • वस्त्र परंपरा: रामलला को हर दिन और मौसम के हिसाब से अलग-अलग वस्त्र पहनाए जाते हैं। गर्मियों में सूती और हल्के वस्त्र, तो जाड़े में स्वेटर और ऊनी वस्त्र पहनाए जाते हैं।

रामलला की दैनिक पूजन और भोग व्यवस्था

रामलला की दिनचर्या भक्तों के लिए खास होती है, जिसमें उनकी सेवा एक बालक के रूप में की जाती है:

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  1. जगाना और स्नान: सुबह की शुरुआत रामलला को जगाने से होती है। इसके बाद उन्हें लेप लगाकर स्नान करवाया जाता है और फिर वस्त्र पहनाए जाते हैं।
  2. आरती और भोग का समय:
    • पहली आरती: सुबह 6:30 बजे।
    • बाल भोग: रामलला को दिन में चार समय भोग लगाया जाता है, जिसकी शुरुआत बाल भोग से होती है।
    • दोपहर भोग आरती: दोपहर 12:00 बजे।
    • संध्या आरती: शाम 7:30 बजे।
  3. शयन: संध्या आरती के बाद रामलला को रात 8:30 बजे शयन करवाया जाता है।
  4. दर्शन का समय: भक्त प्रभु श्री रामलला के दर्शन शाम 7:30 बजे तक ही कर सकते हैं।

रामलला को परोसे जाने वाले व्यंजन राम मंदिर की अपनी रसोई में हर दिन और समय के हिसाब से तैयार किए जाते हैं।