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Ayodhya Ramlala Aarti Live Darshan 3 November: अयोध्या में रामलला का भव्य श्रृंगार और आरती, देखें दर्शन का समय और भोग व्यवस्था

Ayodhya Ramlala Aarti Live Darshan 3 November: अयोध्या धाम में रामलला का अलौकिक श्रृंगार, भक्त हुए भावविभोर

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अयोध्या धाम में संपूर्ण ब्रह्मांड के स्वामी प्रभु श्री रामलला सरकार का आज कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि, विक्रम संवत 2082 (3 नवंबर, सोमवार) को शुभ अलौकिक श्रृंगार हुआ। प्रभु श्रीरामलला का श्रृंगार प्रतिदिन भव्य रूप में किया जाता है और हर दिन वे भक्तों को एक नए स्वरूप में दर्शन देते हैं।

सुबह 6:30 बजे रामलला की पहली आरती होती है। आरती से पहले भगवान को जगाने से लेकर उनका लेप, स्नान और वस्त्र धारण करवाने की प्रक्रिया संपन्न होती है। हर दिन और मौसम के अनुसार प्रभु को अलग-अलग वस्त्र पहनाए जाते हैं —

  • गर्मियों में सूती और हल्के वस्त्र

  • सर्दियों में ऊनी और स्वेटर जैसे परिधान

इसके बाद दोपहर 12 बजे भोग आरती, शाम 7:30 बजे संध्या आरती और रात्रि 8:30 बजे शयन आरती होती है।

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रामलला को प्रतिदिन चार बार भोग लगाया जाता है। हर समय के हिसाब से अलग-अलग व्यंजन परोसे जाते हैं। सभी भोग राम मंदिर की पवित्र रसोई में बनाए जाते हैं। सुबह की शुरुआत बाल भोग से होती है, जिसमें फल, मेवा और विशेष प्रसाद शामिल होता है।

प्रभु श्रीरामलला के श्रृंगार में उपयोग होने वाली फूलों की माला दिल्ली से विशेष रूप से मंगाई जाती है। हर दिन का श्रृंगार एक नई थीम पर आधारित होता है, जिससे भक्तों को भगवान के अलौकिक और मनोहारी स्वरूप के दर्शन होते हैं।

भक्तजन सुबह 6:30 बजे से लेकर रात 7:30 बजे तक रामलला के दर्शन कर सकते हैं। इसके बाद शयन आरती के बाद गर्भगृह के द्वार बंद हो जाते हैं।

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