Ayodhya Ramlala Live Darshan: अयोध्या में रामलला का दिव्य श्रृंगार, चार समय भोग और भव्य आरती में उमड़े भक्त

अयोध्या धाम में श्रीरामलला का अलौकिक श्रृंगार, चार समय भोग और भव्य आरती से गुंजा मंदिर परिसर

अलौकिक श्रृंगार और भोग आरती का दिव्य आयोजन

मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि, विक्रम संवत 2082 (13 नवंबर, गुरुवार) को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र, अयोध्या धाम में ब्रह्मांड नायक प्रभु श्री रामलला सरकार का शुभ अलौकिक श्रृंगार हुआ।
हर दिन और मौसम के अनुसार रामलला के वस्त्र बदले जाते हैं — गर्मियों में सूती व हल्के वस्त्र और जाड़े में ऊनी वस्त्र एवं स्वेटर पहनाए जाते हैं।

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM

रामलला को चार समय भोग

रामलला को प्रतिदिन चार बार भोग अर्पित किए जाते हैं —

  1. बाल भोग (सुबह) – दिन की शुरुआत इसी से होती है।

  2. राजभोग (दोपहर 12 बजे) – मुख्य भोग आरती के साथ।

  3. संध्या भोग (शाम 7:30 बजे) – आरती के उपरांत।

  4. शयन भोग (रात्रि 8:30 बजे) – शयन से पहले भगवान को अर्पित।

ये सभी व्यंजन राम मंदिर की रसोई में भक्तिभाव से तैयार किए जाते हैं।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
17a09f88-37fa-496a-8923-b0e0bac9f15d

फूलों की माला दिल्ली से आती है

रामलला के श्रृंगार में विशेष फूलों की माला दिल्ली से मंगाई जाती है
रोजाना प्रभु का श्रृंगार भक्तों को अलग-अलग रूपों में दर्शन का सौभाग्य देता है।


पूजन और आरती का क्रम

  • प्रातः 6:30 बजे: भगवान को जगाया जाता है और पूजन आरंभ होता है।

  • दोपहर 12:00 बजे: भोग आरती होती है।

  • शाम 7:30 बजे: संध्या आरती का आयोजन।

  • रात्रि 8:30 बजे: रामलला का शयन संस्कार।

रामलला के दर्शन रात्रि 7:30 बजे तक ही किए जा सकते हैं।


भक्तिमय वातावरण में रमे श्रद्धालु

अयोध्या धाम में भव्य आरती के दौरान पूरा परिसर जय श्रीराम के उद्घोषों से गूंज उठा
श्रृंगार और आरती का दृश्य देखने देशभर से भक्त पहुंचे और प्रभु के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया।