भारत-रूस एनर्जी डील मजबूत: रूसी राजदूत का बड़ा बयान

पश्चिमी दबाव के बावजूद भारत-रूस की दोस्ती मजबूत, एनर्जी डील पर रूसी राजदूत का बड़ा बयान

नई दिल्ली। भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलिपोव ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच होने वाले आगामी शिखर सम्मेलन को लेकर गहरा उत्साह जताया है। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन द्विपक्षीय संबंधों को ऊर्जा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग के नए चरण में ले जाएगा।

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

अलिपोव ने कहा कि शिखर सम्मेलन को लेकर महत्वाकांक्षी योजनाएं तैयार की जा रही हैं, जो दोनों देशों के बीच साझेदारी को नई ऊंचाई तक ले जाएंगी।


एनर्जी डील पर बड़ा संकेत: “भारत को अच्छी कीमतों पर हाई क्वालिटी क्रूड देने को तैयार”

इंटरव्यू में अलिपोव ने बताया कि पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच रूस भारत को ऊर्जा संसाधनों की सप्लाई बिना बाधा जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है
उन्होंने कहा—

  • “रूस भारत को अच्छी कीमतों और उच्च गुणवत्ता वाले क्रूड ऑयल की सप्लाई के लिए पूरी तरह तैयार है।”

  • “भारत और रूस मिलकर ऐसे तंत्र विकसित कर रहे हैं जिससे पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद ऊर्जा व्यापार में रुकावट न आए।”

उन्होंने यह भी कहा कि भारत पर अमेरिका द्वारा लगाया गया 50% टैरिफ और पश्चिमी देशों का दबाव भारत और रूस के ऊर्जा सहयोग को प्रभावित नहीं करेगा।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

पश्चिम पर करारा जवाब: “भारत किसी एकतरफा अवैध प्रतिबंध को नहीं मानता”

अलिपोव ने कहा कि भारत ने कई बार स्पष्ट कर दिया है कि वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को दरकिनार कर लगाए गए पश्चिमी प्रतिबंधों को मान्यता नहीं देता

उन्होंने कहा कि—

  • भारत ने संबंध कमजोर करने के पश्चिमी प्रयासों का मजबूती से मुकाबला किया है।

  • भारत हमेशा अपने नागरिकों की भलाई को प्राथमिकता देता है और उसी आधार पर निर्णय लेता है।


रूस-भारत व्यापार में नए अवसर

अलिपोव ने इस इंटरव्यू में कई नए क्षेत्रों की भी ओर संकेत किया—

  • भारतीय समुद्री भोजन, कृषि उत्पाद और अन्य वस्तुओं के लिए रूस बड़ा बाजार बन सकता है।

  • संयुक्त उर्वरक उत्पादन के लिए अवसर मौजूद हैं।

  • ब्रिक्स और एससीओ प्लेटफॉर्म के माध्यम से वैकल्पिक वैश्विक व्यापार तंत्र मजबूत किए जा रहे हैं।


पुतिन-मोदी शिखर सम्मेलन को लेकर उत्साह

अलिपोव ने कहा कि आने वाला शिखर सम्मेलन दोनों देशों के संबंधों को “नई ऊंचाई” देगा।
उन्होंने कहा कि—

“ऊर्जा, व्यापार और वैश्विक चुनौतियों पर भारत-रूस साझेदारी नई दिशा तय करेगी।”