
Ayodhya Ramlala Aarti Live 23 November: आज का दिव्य श्रृंगार और भोग व्यवस्था
Ayodhya Ramlala Aarti Live: 23 नवंबर को रामलला का दिव्य श्रृंगार भव्य रूप में हुआ। सुबह 6:30 बजे पहली आरती, दोपहर भोग और शाम 7:30 बजे संध्या आरती के साथ दिनचर्या संपन्न। रामलला को मौसम अनुसार विशेष वस्त्र पहनाए जाते हैं और रोजाना अलग-अलग भोग परोसे जाते हैं। यहां पढ़ें पूरी जानकारी।
Ayodhya Ramlala Aarti Live Darshan 23 November: श्री रामलला सरकार का दिव्य श्रृंगार, यहां देखिए अलौकिक दर्शन
अयोध्या धाम में विराजमान ब्रह्मांड नायक प्रभु श्री रामलला का आज मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि, विक्रम संवत 2082 (23 नवंबर, रविवार) को अलौकिक श्रृंगार हुआ। रामलला का दैनिक पूजन, भोग और आरती अनुशासन और परंपरा के अनुसार भव्य स्वरूप में संपन्न होते हैं।
चार समय का भोग – मौसम और समय के अनुरूप व्यंजन
रामलला को प्रतिदिन चार समय भोग लगाया जाता है। भोग में परोसे जाने वाले व्यंजन मंदिर की विशेष रसोई में तैयार होते हैं।
- सुबह की शुरुआत बाल भोग से होती है।
- दोपहर 12 बजे भोग आरती होती है।
- शाम को 7:30 बजे संध्या आरती होती है।
- इसके बाद 8:30 बजे रामलला का शयन कराया जाता है।
भक्त इसके बाद दर्शन नहीं कर सकते। रामलला के दर्शन का समय सुबह से 7:30 बजे रात तक निर्धारित है।
दिव्य श्रृंगार – मौसम के अनुसार वस्त्र
रामलला को प्रतिदिन मौसम और माह के अनुसार विशेष वस्त्र पहनाए जाते हैं—
- गर्मियों में: सूती, हल्के, आरामदायक वस्त्र
- सर्दियों में: ऊनी वस्त्र, स्वेटर, गरम पोशाक
श्रृंगार के बाद भगवान का अलौकिक स्वरूप भक्तों को अलग-अलग रूप में दर्शन देता है। रामलला की फूलों की माला भी दिल्ली से मंगाई जाती है।
सुबह की पहली आरती 6:30 बजे
दैनिक दिनचर्या में रामलला को जगाने से पूजन प्रारंभ होता है।
इसके बाद—
- लेप,
- स्नान,
- वस्त्राभूषण
- अलंकरण
की विधि संपन्न की जाती है।
आज के दिव्य श्रृंगार के बाद भक्तों की भीड़ रामलला के दर्शन के लिए उमड़ पड़ी।












