स्वतंत्रता दिवस 2026 पर जिले में मनेगा साक्षरता का उल्लास: उल्लास महा-चौपाल और महाअभियान की रूपरेखा तैयार
आगामी 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस का यह राष्ट्रीय पर्व हमारे देश के लिए केवल राजनीतिक स्वतंत्रता का उत्सव नहीं, बल्कि अज्ञानता, अशिक्षा और अंधकार से मुक्ति का एक महान महापर्व बनने जा रहा है। ‘उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के अंतर्गत इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर जिले भर में भव्य ‘उल्लास महा-चौपाल’ कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और कलेक्टर रेना जमील द्वारा जिले के समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी (जनपद पंचायत), विकासखंड शिक्षा अधिकारी, विकासखंड स्रोत केन्द्र समन्वयक, विकासखंड परियोजना अधिकारी (साक्षरता) तथा संकुल प्राचार्यों को आवश्यक एवं कड़े निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति और शासन की दूरदर्शी सोच के तहत वर्ष 2026-27 में सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने का महालक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए इस वर्ष आजादी के जश्न को पारंपरिक तरीकों से हटकर ‘साक्षरता के उल्लास’ के रूप में मनाने का अनूठा निर्णय लिया गया है। शिक्षा वह प्रकाश है जो समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के जीवन को भी रोशन कर सकता है, और इसी उद्देश्य के साथ प्रशासनिक अमला, स्वयंसेवक, शिक्षक और आम नागरिक एकजुट होकर इस महाअभियान को जन-जन तक पहुँचाने में जुट गए हैं।
1 अगस्त से 14 अगस्त: नारा लेखन और जनजागरण का प्रथम चरण
इस वृहद अभियान की औपचारिक शुरुआत 1 अगस्त 2026 से ही हो चुकी है, जो 14 अगस्त तक अनवरत जारी रहेगी। इस शुरुआती चरण के दौरान जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में दीवारों पर साक्षरता संबंधी प्रेरणादायक नारा लेखन का कार्य किया जा रहा है। इन नारों का मुख्य उद्देश्य गाँव के हर व्यक्ति के मन में शिक्षा के प्रति अलख जगाना और उन्हें साक्षरता अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित करना है। दीवारों पर उकेरे गए ये नारे गाँव की हर गली और चौपाल पर आने-जाने वाले लोगों को शिक्षा के महत्व का संदेश दे रहे हैं।
14 अगस्त की संध्या: मशाल और मोबाइल टॉर्च रैली
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या यानी 14 अगस्त को सायं 7:00 बजे जिले में एक अनूठा और प्रेरणादायी नज़ारा देखने को मिलेगा। सरपंच एवं ग्राम प्रभारियों के कुशल नेतृत्व में संपूर्ण ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल टॉर्च रैली तथा भव्य मशाल रैली निकाली जाएगी। इस पूरी रैली के दौरान “हर घर साक्षर, विकसित भारत“ के गगनभेदी नारे गूँजेंगे, जो पूरे वातावरण को देशभक्ति और शिक्षा के संकल्प से ओत-प्रोत कर देंगे।
इस मशाल रैली की सबसे बड़ी विशेषता इसकी प्रतीकात्मक प्रक्रिया होगी। मशाल गाँव के किसी शिक्षित व्यक्ति से प्रज्वलित होकर प्रारंभ होगी और अंत में यात्रा के पड़ाव पर नवसाक्षरों के हाथों में सौंपी जाएगी। यह इस बात का प्रतीक होगी कि ज्ञान का यह प्रकाश अब समाज के उन बुझते दीयों तक भी पहुँच रहा है जो लंबे समय तक शिक्षा के उजालों से वंचित रहे थे। यह दृश्य देखने वालों के मन में शिक्षा के प्रति एक नई उम्मीद और प्रेरणा जगाने वाला होगा।
15 अगस्त: स्वतंत्रता दिवस के दिन होने वाले मुख्य कार्यक्रम
स्वतंत्रता दिवस की सुबह का सूर्योदय जिले के लिए साक्षरता के नए सवेरे के रूप में होगा। निर्धारित कार्यक्रमों की श्रृंखला इस प्रकार आगे बढ़ेगी:
- प्रभात फेरी (प्रातः 7:00 से 8:00 बजे): विद्यार्थियों, नवसाक्षरों और स्वयंसेवकों द्वारा हाथों में साक्षरता के नारों वाले आकर्षक प्ले कार्ड्स लेकर प्रभात फेरी निकाली जाएगी। यह प्रभात फेरी पूरे गाँव या मोहल्ले में भ्रमण कर लोगों को जागरूक करेगी।
- ध्वजारोहण और उल्लास शपथ (प्रातः 8:00 बजे): निर्धारित समयानुसार नवसाक्षर व्यक्ति अथवा स्थानीय जनप्रतिनिधि की गरिमामयी उपस्थिति में राष्ट्रीय ध्वजारोहण किया जाएगा। इसके उपरांत उपस्थित सभी नागरिकों को सामूहिक रूप से ‘उल्लास शपथ’ दिलाई जाएगी, जिसमें समाज को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने का संकल्प लिया जाएगा।
- उल्लास महा-चौपाल और अनुभव साझाकरण: ध्वजारोहण के तुरंत बाद उल्लास महा-चौपाल का आयोजन किया जाएगा। इस चौपाल में हाल ही में साक्षर हुए नवसाक्षर अपने जीवन के अनुभव साझा करेंगे कि कैसे पढ़ना-लिखना सीखने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।
- दादी-नानी की कहानी और लोकगीत प्रतियोगिता: महा-चौपाल के दौरान विशेष रूप से बुजुर्ग महिलाओं व पुरुषों की सहभागिता से ‘दादी-नानी की कहानी एवं प्रतियोगिता’ का आयोजन होगा। इसमें वे अपनी स्थानीय भाषा में पारंपरिक लोकगीत, पुरानी कहानियाँ और कविताओं का वाचन करेंगे, जिससे हमारी लोक संस्कृति और साक्षरता का सुंदर समन्वय देखने को मिलेगा।
मातृत्व साक्षरता और ‘अंगूठे से कलम तक’ सम्मान समारोह
इस महाअभियान का एक सबसे भावुक और प्रेरणादायक पहलू ‘मातृत्व साक्षरता कार्यक्रम’ होगा। इस विशेष कार्यक्रम के तहत बच्चे अपनी माताओं को मंच पर लेकर आएंगे और उन्हें अपने हाथों से पहली बार अपने जीवन में नाम लिखना सिखाएंगे। एक माँ के लिए अपने बच्चे के माध्यम से अक्षर ज्ञान प्राप्त करने से बड़ा गौरव और सुखद क्षण दूसरा कोई नहीं हो सकता।
प्रातः 9:00 बजे से **“अंगूठे से कलम तक“** सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान उन पंचायतों को **’अंगूठा मुक्त पंचायत प्रमाण पत्र’** वितरित किए जाएंगे जिन्होंने अपने क्षेत्र के शत-प्रतिशत नागरिकों को हस्ताक्षर करने या साक्षर होने की दिशा में आगे बढ़ाया है। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले नवसाक्षरों और स्वयंसेवकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
डिजिटल व चुनावी साक्षरता, रंगोली और सांस्कृतिक कार्यक्रम
आधुनिक युग में केवल साक्षर होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि डिजिटल रूप से जागरूक होना भी उतना ही आवश्यक है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम में डिजिटल तथा चुनावी साक्षरता पर नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया जाएगा, जो आम जनता को डिजिटल लेन-देन की सुरक्षा और मतदान के महत्व को सरल भाषा में समझाएंगे। इसके साथ ही, साक्षरता थीम पर आधारित आकर्षक रंगोली प्रदर्शन और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जो दर्शकों का मन मोह लेंगे।
उल्लास घंटी, दीवार, सुपर-30 और ज्ञान रथ का शुभारंभ
प्रातः 10:30 बजे स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में कार्यक्रम के कई महत्वपूर्ण आयामों का भव्य शुभारंभ किया जाएगा:
- उल्लास घंटी: विद्यालयों और शिक्षण केंद्रों पर साक्षरता सत्र की नियमितता का प्रतीक।
- उल्लास दीवार: प्रेरक संदेशों और सफलता की कहानियों को प्रदर्शित करने के लिए समर्पित दीवार।
- सुपर-30: विशेष शैक्षणिक पहलों का शुभारंभ।
- उल्लास ज्ञान रथ: इस ज्ञान रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा, जो गाँव-गाँव घूमकर शिक्षा का प्रचार-प्रसार करेगा।
हेल्प डेस्क, सेल्फी प्वाइंट और खेलकूद प्रतियोगिताएं
कार्यक्रम स्थलों पर विशेष **’उल्लास हेल्प डेस्क’** स्थापित किए जाएंगे, जिसके माध्यम से असाक्षर व्यक्तियों तथा स्वयंसेवी शिक्षकों का मौके पर ही ‘उल्लास मोबाइल ऐप’ एवं पोर्टल पर तुरंत पंजीयन किया जाएगा। इसके अलावा युवाओं और नवसाक्षरों के लिए डिजिटल एवं साक्षरता सेल्फी प्वाइंट्स बनाए जाएंगे, जहाँ लोग अपनी तस्वीरें खींचकर सोशल मीडिया के माध्यम से इस अभियान को और अधिक व्यापक बना सकेंगे। स्थानीय सुविधानुसार विभिन्न प्रकार की ‘उल्लास खेलकूद प्रतियोगिताएं’ भी आयोजित की जाएंगी, जिससे समुदाय में उत्साह का माहौल बना रहे।
संध्याकालीन कैंडल मार्च और समाज के सभी वर्गों से अपील
इस व्यस्त और प्रेरणादायी दिवस के समापन पर सायं 7:00 बजे युवाओं, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं तथा विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता से एक भव्य **कैंडल मार्च** निकाला जाएगा। यह कैंडल मार्च अंधकार रूपी अज्ञानता को दूर कर ज्ञान और प्रगति का संदेश प्रसारित करेगा।
जिला प्रशासन की ओर से जिले के सभी वर्गों, सामाजिक प्रमुखों, पंचायत प्रतिनिधियों और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से पुरजोर अपील की गई है कि वे आगे आएं। समाज के प्रत्येक असाक्षर व्यक्ति का चिन्हाकन करने में सहयोग करें और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़कर छत्तीसगढ़ को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने के इस ऐतिहासिक संकल्प को शत-प्रतिशत सफल बनाएं।













