एंटी-SIR रैली में ममता बनर्जी का तीखा प्रहार: “बीजेपी ने खुद अपनी कब्र खोद ली, किसी बंगाली को बांग्लादेश नहीं भेजने दूंगी”
मालदा/गाज़ोल। पश्चिम बंगाल में चल रहे SIR (Special Identification Register) के खिलाफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 3 दिसंबर को मालदा के गाज़ोल में विशाल रैली की। इस दौरान उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी पर जमकर हमला बोला। ममता बनर्जी ने इस प्रक्रिया को “इमरजेंसी जैसा माहौल” करार देते हुए कहा कि SIR पूरी तरह राजनीतिक साजिश है।
“SIR के पीछे अमित शाह का हाथ… बीजेपी ने खुद अपनी कब्र खोद ली” — ममता बनर्जी
अपने संबोधन में ममता बनर्जी ने कहा:
- “अगले साल बंगाल में विधानसभा चुनाव होना है। उससे पहले SIR करवाने की साजिश के पीछे अमित शाह का हाथ है।”
- “बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में SIR शुरू कराकर खुद अपनी कब्र खोद ली है। जनता इसका जवाब देगी।”
सुनाली खातून का मामला उठाया — “बांग्ला बोलने पर बांग्लादेशी बताया गया”
ममता ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि:
- “सुनाली खातून को सिर्फ बंगाली भाषा बोलने की वजह से बांग्लादेशी बताकर बॉर्डर भेज दिया गया था।”
- “अब सुप्रीम कोर्ट ने उसे भारत लौटने की इजाजत दी है। यह केंद्र सरकार की बड़ी नाकामी है।”
उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा:
“कोई भी बांग्लादेश नहीं जाएगा। डरिए मत।”
12 दिसंबर से ‘मे आई हेल्प यू’ कैंप शुरू
ममता बनर्जी ने कहा कि SIR को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने घोषणा की:
- “12 तारीख से ‘मे आई हेल्प यू’ कैंप शुरू होंगे।
- अगर किसी को SIR से समस्या हो तो इन कैंपों में जाएं।
- मैं TMC कार्यकर्ताओं से अपील करती हूं कि वे हर नागरिक की मदद करें।”
बीएलओ की मौतों पर तीखा सवाल — “इतनी जल्दी क्या थी?”
ममता बनर्जी ने कहा कि SIR प्रक्रिया के दौरान पूरे देश में बीएलओ की मौतें चिंता का विषय हैं।
- “मध्य प्रदेश में 9 बीएलओ मारे गए।”
- “उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात में भी बीएलओ मारे गए।”
- “बंगाल में 40 लोग मारे गए — चुनाव से पहले इतनी जल्दबाजी क्यों?”
“धार्मिक स्थलों को हाथ मत लगाना… शर्म नहीं आती?”
उन्होंने कहा कि:
- “वक्फ कानून केंद्र ने बनाया है, हम इसका विरोध विधानसभा में कर चुके हैं।”
- “धार्मिक स्थलों पर उन्हें हाथ नहीं डालने दूंगी।
बताओ, कितने लोग मारे गए? कब रुकोगे?”
“हिंदुत्व हमसे सीखो… लोगों को बांटना बंद करो”
ममता ने बीजेपी पर सांप्रदायिक आधार पर राज्य को बांटने की कोशिश का आरोप लगाया।
- “बीजेपी से हिंदुत्व हमें सीखने की जरूरत नहीं है।”
- “अगर कोई बांग्ला में बोलता है तो उसे बांग्लादेशी कह देते हो, ये राजनीति बंद करो।”
केंद्र पर वित्तीय भेदभाव का आरोप
उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार बंगाल को उसका हक का पैसा नहीं दे रही।
- “GST का पैसा रोका गया है।”
- “अब सिगरेट टैक्स भी अपने पास रखने की कोशिश हो रही है।”
ममता ने इसे “इमरजेंसी जैसा माहौल” बताते हुए कहा:
“अगर इमरजेंसी लगाना चाहते हो तो याद रखो—आज सत्ता में हो, कल नहीं रहोगे।”
स्थानीय मुद्दों पर भी बात — “मैं वोट मांगने नहीं आई, आपकी टेंशन दूर करने आई हूं”
समापन में ममता ने कहा:
- “गाज़ोल में ट्रेन लाइन पूरा हो गया है।”
- “पहले यहां बाढ़ आती थी, हमने नियंत्रण किया।”
- “डरिए मत, जब तक मैं हूं एक भी बंगाली न डिटेंशन कैंप जाएगा और न बांग्लादेश भेजा जाएगा।”











