राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जनप्रतिनिधियों को दी बधाई; कहा- ‘महिला आरक्षण ने बदला ग्रामीण नेतृत्व का चेहरा’
रायपुर: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ‘राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस’ के अवसर पर प्रदेश और देश के समस्त पंचायत प्रतिनिधियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने पंचायती राज को भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियादी इकाई और ग्रामीण विकास का सबसे मजबूत आधार स्तंभ बताया है।
— भूपेश बघेल, पूर्व मुख्यमंत्री
भूपेश बघेल ने अपने संदेश में विशेष रूप से महिला आरक्षण का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पंचायती राज की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक महिलाओं को मिला प्रतिनिधित्व है। आज लाखों महिलाएँ न केवल नेतृत्व कर रही हैं, बल्कि अपनी निर्णय क्षमता से गाँवों में आत्मनिर्भरता, सुशासन और समावेशी विकास के सपने को धरातल पर उतार रही हैं।
उन्होंने आगे कहा कि पंचायती राज व्यवस्था ने ग्रामीण भारत में नेतृत्व के स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पूज्य बापू महात्मा गांधी के ‘ग्राम स्वराज’ के स्वप्न को याद करते हुए पंचायतों को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और विकासोन्मुख बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
बघेल ने विश्वास व्यक्त किया कि सशक्त पंचायतें ही एक समृद्ध और विकसित राष्ट्र की नींव हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से साझा किए गए इस संदेश में उन्होंने लोकतंत्र के इस विकेंद्रीकृत मॉडल की महत्ता पर जोर दिया।











