इतिहास के झरोखे: 7 जून से 13 जून तक की ऐतिहासिक यात्रा
7 जून: ऐतिहासिक परिवर्तनों का दिन
मुमताज महल का निधन (1631)
मुगल बादशाह शाहजहाँ की बेगम मुमताज महल का बुरहानपुर में निधन हुआ। उनकी याद में शाहजहाँ ने दुनिया के सात अजूबों में शुमार ‘ताजमहल’ का निर्माण कराया, जो प्रेम का प्रतीक माना जाता है।
छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक (1674)
रायगढ़ के किले में मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज का विधिवत राज्याभिषेक हुआ। उन्हें ‘छत्रपति’ की उपाधि दी गई, जो भारतीय इतिहास में एक स्वतंत्र हिंदू साम्राज्य के उदय का प्रतीक बना।
गांधी जी का सत्याग्रह (1893)
दक्षिण अफ्रीका के पीटरमैरिट्सबर्ग स्टेशन पर महात्मा गांधी को केवल अश्वेत होने के कारण ट्रेन से बाहर फेंक दिया गया। इस घटना ने गांधी जी के भीतर सत्याग्रह और अहिंसा के बीज बोए, जिसने भविष्य में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की दिशा बदल दी।
8 जून: आधुनिकता और वैश्विक घटनाएँ
एयर इंडिया की उड़ान (1948)
एयर इंडिया ने अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय सेवा शुरू की। मुंबई (तब बॉम्बे) से लंदन के बीच ‘मलबार प्रिंसेस’ उड़ान ने भारतीय विमानन उद्योग को विश्व पटल पर स्थापित किया।
9 जून: संस्कृति और संघर्ष
डोनाल्ड डक का पदार्पण (1934)
वॉल्ट डिज़्नी के सबसे लोकप्रिय पात्रों में से एक ‘डोनाल्ड डक’ पहली बार ‘द वाइज लिटिल हेन’ कार्टून में दिखाई दिया। आज यह दुनिया के सबसे पहचाने जाने वाले एनीमेशन पात्रों में से एक है।
कारगिल युद्ध की तीव्रता (1999)
भारत और पाकिस्तान के बीच कारगिल की पहाड़ियों पर युद्ध अपने चरम पर था। भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय के तहत घुसपैठियों को खदेड़ने के लिए अपने पराक्रम का परिचय देना शुरू कर दिया था।
10 जून: वैश्विक विस्तार और त्रासदी
मैनहट्टन की नींव (1610)
डच उपनिवेशवादियों ने न्यूयॉर्क के मैनहट्टन में अपनी बस्ती स्थापित की। यह व्यापारिक कदम भविष्य के सबसे बड़े वैश्विक आर्थिक केंद्र ‘न्यूयॉर्क शहर’ की आधारशिला बना।
11 जून: खोज और न्याय
ग्रेट बैरियर रीफ की खोज (1770)
कैप्टन जेम्स कुक ने अपनी यात्रा के दौरान ऑस्ट्रेलिया की विश्व प्रसिद्ध ‘ग्रेट बैरियर रीफ’ की खोज की। यह समुद्री जैव विविधता का सबसे बड़ा केंद्र है।
12 जून: राजनीतिक हलचल
इंदिरा गांधी का चुनाव रद्द (1975)
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के 1971 के चुनाव को भ्रष्ट आचरण के आधार पर रद्द कर दिया। इस घटना ने भारतीय राजनीति में आपातकाल (Emergency) की पृष्ठभूमि तैयार की।
13 जून: युद्ध और त्रासदी
पेरिस का पतन (1940)
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, जर्मन सेना ने पेरिस में प्रवेश किया। यह घटना यूरोप के इतिहास में एक बड़े बदलाव और नाजी जर्मनी के दबदबे का संकेत थी।
उपहार सिनेमा त्रासदी (1997)
दिल्ली के उपहार सिनेमा में फिल्म ‘बॉर्डर’ के दौरान लगी भीषण आग में 59 लोगों की दुखद मृत्यु हो गई। इस घटना ने भारत में सार्वजनिक सुरक्षा मानकों और सिनेमा हॉल के नियमों को हमेशा के लिए बदल दिया।











