मायावती का चुनावी मास्टर प्लान: युवाओं, महिलाओं और भाईचारा कमेटियों पर जोर

बहन मायावती का फोकस युवाओं और महिलाओं पर, भाईचारा कमेटियों को पुनः सक्रिय करने का निर्देश

लखनऊ। सत्ता से दूर रहने के बाद बहुजन समाज पार्टी (BSP) अब अपने वोट बैंक को फिर से मजबूत करने की रणनीति में जुट गई है। इसी कड़ी में बसपा सुप्रीमो बहन मायावती ने पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को युवाओं, पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं और महिलाओं पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए हैं।

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युवाओं और फर्स्ट टाइम वोटर्स को साधने की रणनीति

मायावती ने अपने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे पार्टी की रीति-नीति, सामाजिक न्याय की विचारधारा और संगठन के मूल सिद्धांतों को युवाओं तक पहुँचाएं। उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों में पहली बार वोट डालने वाले युवा निर्णायक भूमिका निभाएंगे, इसलिए पार्टी को इस वर्ग में मजबूत पकड़ बनानी होगी।

पुराने नेताओं के साथ नए युवाओं को भी जोड़े जाने पर जोर

बसपा प्रमुख ने पार्टी में पुराने अनुभवी नेताओं के साथ-साथ जनाधार वाले नए और युवा चेहरों को सदस्य बनाने के निर्देश दिया है। उन्होंने सपष्ट कहा कि पार्टी के विस्तार के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
पार्टी महासचिव और मायावती के भतीजे आकाश आनंद को मजबूत आधार देने के लिए संगठन को नए सिरे से सक्रिय किया जा रहा है।

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महिलाओं पर विशेष फोकस – महिला सीएम का बड़ा दांव

बसपा ने इस बार विशेष रूप से महिलाओं पर ध्यान केंद्रित किया है। पार्टी का मानना है कि महिला मुख्यमंत्री ही महिलाओं के हितों को सही तरीके से साध सकती है, इसलिए यह मुद्दा महिलाओं के बीच जोर-शोर से उठाया जाएगा।
बसपा सरकार के दौरान महिलाओं की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और सामाजिक सम्मान को बड़े उपलब्धि बिंदुओं के रूप में पेश करने का निर्णय लिया गया है।

भाईचारा कमेटियों को पुनः सक्रिय करने का निर्णय

बहन मायावती ने पार्टी की पारंपरिक सामाजिक संरचना को मजबूत करने के लिए भाईचारा कमेटियों को फिर से सक्रिय करने का फैसला लिया है। इसके लिए प्रत्येक जिले में कोऑर्डिनेटर्स को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
इन कमेटियों का उद्देश्य विभिन्न वर्गों में आपसी भाईचारा, सामंजस्य और पार्टी की विचारधारा की सीधी पहुँच बनाना है।