Ayodhya Ramlala Aarti Live Darshan 10 December: पौष कृष्ण षष्ठी पर रामलला का दिव्य श्रृंगार और चार समय भोग

Ayodhya Ramlala Aarti Live Darshan 10 December: पौष कृष्ण षष्ठी पर प्रभु रामलला का अलौकिक श्रृंगार, चार समय भोग और विशेष आरती

Image

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
c3bafc7d-8a11-4a77-be3b-4c82fa127c77 (1)

 

 

 

 

 

अयोध्या धाम। पौष माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि, विक्रम संवत 2082 (10 दिसंबर, बुधवार) को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अयोध्या धाम में ब्रह्मांड नायक श्री रामलला सरकार का दिव्य और अलौकिक श्रृंगार हुआ। प्रतिदिन की भांति आज भी प्रभु का श्रृंगार भव्य रूप में किया गया, जिसमें मौसम और समय के अनुसार विशेष वस्त्र, आभूषण एवं भोग शामिल रहे।


चार समय लगता है रामलला को भोग

अयोध्या राम मंदिर की पावन रसोई में प्रतिदिन रामलला के लिए चार समय का भोग तैयार किया जाता है। हर समय और मौसम के अनुसार भोग के व्यंजन अलग-अलग होते हैं।

भोग क्रम इस प्रकार है:

  • सुबह – बाल भोग
  • दोपहर – राजभोग (12 बजे भोग आरती)
  • शाम – संध्या भोग (7:30 बजे संध्या आरती)
  • रात्रि – शयन भोग (8:30 बजे शयन)

भोग में मौसमी फल, मेवे, मिठाइयाँ, खीर, मालपुआ, पंचामृत और मंदिर की रसोई में बने शुद्ध व्यंजन सम्मिलित होते हैं।

mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

प्रतिदिन और मौसम के अनुसार रामलला का विशेष वस्त्र

रामलला के श्रृंगार में मौसम के मुताबिक़ वस्त्रों का विशेष ध्यान रखा जाता है।

  • गर्मी में—सूती और हल्के वस्त्र
  • सर्दी में—स्वेटर, शॉल व ऊनी परिधान
  • विशेष अवसरों पर—जरीदार व रेशमी परिधान

फूलों की माला भी प्रतिदिन दिल्ली से विशेष रूप से मंगाई जाती है।


आरती और दर्शन की समय-सारिणी (10 दिसंबर के अनुसार)

  • सुबह 6:30 बजे – पहली आरती (मंगल आरती)
  • दोपहर 12 बजे – भोग आरती
  • शाम 7:30 बजे – संध्या आरती
  • रात 8:30 बजे – शयन

👉 दर्शन सुबह जगार से लेकर शाम 7:30 बजे तक किए जा सकते हैं

मंगल आरती में रामलला को जगाने से पूजन की शुरुआत होती है। फिर स्नान, लेप, आभूषण और वस्त्र पहनाकर दिव्य श्रृंगार पूरा किया जाता है।