
छत्तीसगढ़ गाइडलाइन दर 2025-26 लागू: अंबिकापुर सहित सरगुजा में जमीन के दामों में 300% तक बढ़ोतरी
छत्तीसगढ़ में 20 नवंबर 2025 से नई गाइडलाइन दरें लागू हो गई हैं। सरगुजा जिले में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भूमि दरों का व्यापक युक्तियुक्तकरण किया गया है, जिससे किसानों और आम जनता को संपत्ति का वास्तविक बाजार मूल्य मिलेगा।
छत्तीसगढ़ में नई गाइडलाइन दरें लागू, किसानों और आमजन को मिलेगा संपत्ति का वास्तविक बाजार मूल्य
अंबिकापुर | 14 दिसंबर 2025! छत्तीसगढ़ में भूमि एवं स्थावर संपत्तियों के वास्तविक बाजार मूल्य को प्रतिबिंबित करने के उद्देश्य से वर्ष 2025-26 की नई गाइडलाइन दरें लागू कर दी गई हैं। यह दरें “छत्तीसगढ़ गाइडलाइन दरों का निर्धारण नियम, 2000” के अंतर्गत उप जिला एवं जिला मूल्यांकन समितियों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर तय की गई हैं, जिन्हें केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड, छत्तीसगढ़ (रायपुर) द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया है। नई गाइडलाइन दरें 20 नवंबर 2025 से पूरे राज्य में प्रभावशील हैं।
पारदर्शिता और न्यायसंगत मूल्य निर्धारण का लक्ष्य
पंजीयन अधिकारियों द्वारा विस्तृत परीक्षण, विश्लेषण एवं तुलनात्मक अध्ययन के बाद निर्धारित इन दरों का उद्देश्य किसानों एवं आम नागरिकों को उनकी भूमि और संपत्ति का वास्तविक बाजार मूल्य दिलाना, भूमि लेन-देन में पारदर्शिता बढ़ाना तथा गाइडलाइन दर और बाजार मूल्य के बीच वर्षों से चले आ रहे अंतर को कम करना है।
नगर निगम अंबिकापुर और आसपास के ग्रामों में बड़ी बढ़ोतरी
नगर निगम क्षेत्र में शामिल ग्राम गंगापुर, नवागढ़ और बिशुनपुर की पूर्व हेक्टेयर दरें आसपास के ग्रामों की तुलना में काफी कम थीं। वर्ष 2025-26 की गाइडलाइन में इन्हें बढ़ाकर 1 करोड़ 10 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर किया गया है, जो लगभग 300 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाता है।
इसके साथ ही पेरी-अर्बन ग्रामों में वर्गमीटर दर समाप्त कर हेक्टेयर दर लागू की गई है, जिससे राजस्व हानि को रोका जा सके।
शहरी वार्डों में 40 से 70 प्रतिशत तक वृद्धि
नगर निगम अंबिकापुर के वार्ड क्रमांक 02 गुरु रविन्द्र नाथ टैगोर वार्ड की एक कंडिका में 69 प्रतिशत वृद्धि करते हुए दर 560 रुपये प्रति वर्गफुट निर्धारित की गई है।
इसी प्रकार अन्य वार्डों में 40 से 70 प्रतिशत तक वृद्धि कंडिकाओं के सरलीकरण, क्षेत्रों के विकसित एवं व्यावसायिक स्वरूप और दरों के युक्तियुक्तकरण को ध्यान में रखते हुए की गई है।
48 वार्डों में औसतन 25–26 प्रतिशत की वृद्धि
नगर निगम अंबिकापुर के 48 वार्डों में:
- मुख्य मार्ग पर औसतन 26%
- मुख्य मार्ग से अंदर औसतन 25%
की वृद्धि की गई है। पिछले पांच वर्षों में जनसंख्या वृद्धि, आवासीय भूखंडों की मांग और विकास कार्यों के विस्तार के कारण बाजार मूल्य में स्वाभाविक बढ़ोतरी हुई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी व्यापक पुनरीक्षण
ग्रामीण क्षेत्रों में वर्ष 2025-26 की गाइडलाइन दरों में:
- मुख्य मार्ग पर औसतन 108%
- मुख्य मार्ग से अंदर 120%
की वृद्धि की गई है।
सरगुजा जिले के 16 ग्रामों में 300 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है, जिसका प्रमुख कारण अत्यंत कम आधार दरों का समीपस्थ ग्रामों के अनुरूप युक्तियुक्तकरण है।
झिरमिटी–उदयपुर उदाहरण से स्पष्ट हुआ संतुलन
राष्ट्रीय राजमार्ग-143 पर स्थित ग्राम झिरमिटी और उदयपुर के उदाहरण से स्पष्ट होता है कि अधिक प्रतिशत वृद्धि का कारण कम आधार दरों को समान स्तर पर लाना है।
झिरमिटी में 587% और उदयपुर में 297% की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे दोनों ग्रामों की दरें अब समान स्तर पर आ गई हैं।
छह वर्षों बाद हुआ व्यापक पुनरीक्षण
वर्ष 2019-20 के बाद लगभग छह वर्षों के अंतराल में यह व्यापक पुनरीक्षण किया गया है। इस दौरान वास्तविक बाजार मूल्य और गाइडलाइन दरों के बीच बड़ा अंतर उत्पन्न हो गया था, जिसे अब वैज्ञानिक, तथ्यपरक और तुलनात्मक पद्धति से दूर किया गया है।
शासन का विश्वास है कि यह नई व्यवस्था किसानों, आम नागरिकों और निवेशकों के हित में है तथा राज्य के संतुलित और समावेशी विकास को मजबूत आधार प्रदान करेगी।










