SIR प्रक्रिया में बड़ी चूक: पश्चिम बंगाल की वोटर लिस्ट में पिता 5 साल का, बेटे 59 और 58 साल के

WEST BENGAL | वोटर लिस्ट में ‘चमत्कारी’ उम्र, चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया पर सवाल

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चल रही SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया के तहत वोटर लिस्ट की गहराई से जांच और सुधार किया जा रहा है, लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान लगातार गंभीर खामियां सामने आ रही हैं। ताजा मामला पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले के मंगलकोट विधानसभा क्षेत्र के शीतल गांव से सामने आया है, जिसने प्रशासन से लेकर चुनाव आयोग तक को हैरान कर दिया है।

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पिता 5 साल का, बेटे 59 और 58 साल के!

वोटर लिस्ट के मुताबिक,

  • सरोज मांझी की उम्र 63 साल दर्ज है
  • उनके बेटे लक्ष्मी मांझी की उम्र 59 साल
  • और दूसरे बेटे सागर मांझी की उम्र 58 साल दिखाई गई है

इस तरह रिकॉर्ड में यह स्थिति बन रही है कि सरोज मांझी महज 5 साल की उम्र में पिता बन गए, जो स्पष्ट रूप से एक गंभीर प्रशासनिक और तकनीकी त्रुटि है।

बूथ नंबर 175 के दस्तावेजों में सामने आई गड़बड़ी

यह चौंकाने वाली गलती शीतल गांव के बूथ नंबर 175 से जुड़े दस्तावेजों में सामने आई। SIR प्रक्रिया के दौरान जब कागजातों की बारीकी से जांच की गई, तब इस विसंगति का खुलासा हुआ।

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नाम मैपिंग में भी सामने आ रही हैं गड़बड़ियां

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, SIR प्रक्रिया के दौरान नाम मैपिंग में भी गंभीर त्रुटियां सामने आई हैं। कई मामलों में परिवार के सभी सदस्यों के नाम वोटर लिस्ट में मौजूद होने के बावजूद, स्कैनिंग के दौरान नाम बदलकर अन्य नाम दिखाई दे रहे थे, जिससे मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्रशासन भी हैरान, जांच का आश्वासन

इस मामले के सामने आने के बाद कटवा के उप-जिला मजिस्ट्रेट (SDM) ने जांच का आश्वासन दिया है। वहीं, चुनाव आयोग के अधिकारियों का कहना है कि यह डाटा एंट्री या तकनीकी मैपिंग की गलती हो सकती है, जिसकी गहन जांच की जा रही है।

चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया पर उठे सवाल

इस घटना ने SIR प्रक्रिया की गुणवत्ता, तकनीकी सिस्टम और डेटा सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मतदाता सूची लोकतंत्र की रीढ़ होती है, और इस तरह की गलतियां चुनावी पारदर्शिता पर असर डाल सकती हैं।