चुनाव 2026: तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक मतदान






चुनाव 2026: तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक मतदान

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विधानसभा चुनाव 2026: तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र का महापर्व, टूटा आजादी के बाद का हर रिकॉर्ड

प्रकाशित तिथि: 23 अप्रैल, 2026 | स्थान: नई दिल्ली/चेन्नई/कोलकाता | स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग (ECI)

नई दिल्ली: भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 23 अप्रैल, 2026 का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, तमिलनाडु की सभी 234 सीटों और पश्चिम बंगाल के प्रथम चरण की 152 सीटों पर हुए मतदान ने पिछले सात दशकों के सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इस अभूतपूर्व भागीदारी को “लोकतंत्र की जीत” बताते हुए दोनों राज्यों के मतदाताओं को सलाम किया है। तमिलनाडु में जहाँ कुल 84.69% मतदान हुआ, वहीं पश्चिम बंगाल ने प्रथम चरण में ही 91.78% का विशाल आंकड़ा छू लिया है।

मुख्य सांख्यिकी (मतदान प्रतिशत)

राज्य/क्षेत्र पुरुष (%) महिला (%) तृतीय लिंग (%) कुल योग (%)
तमिलनाडु 83.57 85.76 60.49 84.69
पश्चिम बंगाल (चरण-I) 90.92 92.69 56.79 91.78

तमिलनाडु: द्रविड़ राजनीति में नया उत्साह

तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में मतदान संपन्न हुआ। राज्य में सुबह से ही लंबी कतारें देखी गईं। 2011 के विधानसभा चुनावों में राज्य ने 78.29% का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था, लेकिन 2026 के इस चुनाव ने उसे पीछे छोड़ते हुए 84.69% की नई ऊंचाई हासिल की है।

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महिला मतदाताओं की निर्णायक भूमिका

तमिलनाडु के आंकड़ों का सबसे दिलचस्प पहलू महिलाओं की भारी भागीदारी है। राज्य में 85.76% महिलाओं ने वोट डाला, जो पुरुषों (83.57%) से 2% से भी अधिक है। यह इस बात का संकेत है कि चुनावी परिणाम तय करने में महिला केंद्रित योजनाओं और मुद्दों ने बड़ी भूमिका निभाई है।

पश्चिम बंगाल: पहले चरण में ही बनाया कीर्तिमान

पश्चिम बंगाल में 152 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए हुए पहले चरण के मतदान में मतदाताओं का जोश चरम पर था। राज्य ने 91.78% मतदान के साथ देश को चौंका दिया है। विशेष रूप से दक्षिण दिनाजपुर (94.98%), कूचबिहार (94.75%) और बीरभूम (93.88%) जैसे जिलों में मतदान की लहर देखी गई।

ध्यान देने योग्य तथ्य: पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) के बाद मतदाताओं की संख्या में लगभग 12% की गिरावट आई थी, इसके बावजूद मतदान प्रतिशत में भारी उछाल दर्ज किया गया है।

निर्वाचन आयोग की नई पहल और तकनीकी निगरानी

चुनाव आयोग ने इस बार मतदान को सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए कई अत्याधुनिक कदम उठाए:

  • 100% वेबकास्टिंग: तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के सभी मतदान केंद्रों पर लाइव वेबकास्टिंग की गई, जिसकी निगरानी स्वयं दिल्ली स्थित कंट्रोल रूम से चुनाव आयुक्तों ने की।
  • रंगीन फोटो युक्त EVM: पहली बार बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों की पहचान आसान बनाने के लिए रंगीन फोटो का उपयोग किया गया।
  • दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधा: PwD मतदाताओं के लिए घर से लाने-ले जाने हेतु मुफ्त परिवहन, व्हीलचेयर और समर्पित स्वयंसेवकों की व्यवस्था की गई।
  • ECINET ऐप: मतदाताओं और मीडिया को रियल-टाइम अपडेट देने के लिए ECINET ऐप का प्रभावी उपयोग किया गया।

उप-चुनावों की स्थिति

विधानसभा चुनावों के साथ-साथ गुजरात और महाराष्ट्र की तीन सीटों पर उप-चुनाव भी संपन्न हुए:

  • गुजरात (उमरेथ): 59.03% मतदान।
  • महाराष्ट्र (बारामती): 57.48% मतदान।
  • महाराष्ट्र (राहुरी): 55.31% मतदान।

अगला चरण और मतगणना

पश्चिम बंगाल में चुनावी अभियान अभी थमा नहीं है। दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को कोलकाता और आसपास की 142 सीटों पर होगा। पूरे देश की नजरें अब 4 मई, 2026 पर टिकी हैं, जब तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और पुडुचेरी के चुनावी परिणामों की घोषणा एक साथ की जाएगी।