नई दिल्ली/अंबिकापुर: भारतीय काल गणना के अनुसार, पंचांग का हमारे जीवन में अत्यंत महत्व है। शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए तिथि, नक्षत्र, योग और करण का सटीक ज्ञान होना आवश्यक है। आज वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है। आज का दिन आध्यात्मिक और मांगलिक कार्यों के लिए विशेष फलदायी माना जा रहा है।
| विक्रम संवत | 2083 (कीलक) |
| शक संवत | 1948 (पार्थिव) |
| मास | वैशाख |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| तिथि | सप्तमी (शाम 05:42 तक, तत्पश्चात अष्टमी) |
| नक्षत्र | पुनर्वसु (रात 10:14 तक, तत्पश्चात पुष्य) |
| योग | सुकर्मा (दोपहर 01:22 तक, तत्पश्चात धृति) |
| करण | गरज (सुबह 06:12 तक, तत्पश्चात वणिज) |
| वार | शुक्रवार |
सूर्य स्थिति
सूर्योदय: सुबह 05:28
सूर्यास्त: शाम 06:19
सूर्य राशि: मेष
चंद्र स्थिति
चंद्रोदय: सुबह 11:24
चंद्रास्त: रात 01:12 (25 अप्रैल)
चंद्र राशि: मिथुन (दोपहर 04:36 तक, तत्पश्चात कर्क)
शुभ समय (Positive)
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:44 – दोपहर 12:35
अमृत काल: शाम 07:54 – रात 09:28
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:18 – दोपहर 03:09
अशुभ समय (Negative)
राहुकाल: सुबह 10:30 – दोपहर 12:00
यमगण्ड: दोपहर 03:30 – शाम 05:00
गुलिक काल: सुबह 07:30 – सुबह 09:00
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण:
आज रात 10:14 के बाद पुष्य नक्षत्र का आरंभ होगा, जिसे नक्षत्रों का राजा माना जाता है। शुक्रवार और पुष्य नक्षत्र का यह संयोग खरीदारी, विशेष रूप से स्वर्ण आभूषण या वाहन खरीदने के लिए अत्यंत शुभ है। आज का सुकर्मा योग सरकारी कार्यों में सफलता सुनिश्चित करता है।
आज शुक्रवार होने के कारण पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो घर से दही या जौ खाकर निकलना शुभ रहेगा।











