अयोध्या रामलला श्रृंगार व आरती दर्शन | 18 दिसंबर 2025
अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र, अयोध्या धाम में विराजमान संपूर्ण ब्रह्मांड के नायक श्री रामलला सरकार का प्रतिदिन अत्यंत भव्य और अलौकिक श्रृंगार किया जाता है।
पौष माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि, विक्रम संवत 2082 (18 दिसंबर, गुरुवार) को भी प्रभु श्री रामलला का दिव्य श्रृंगार भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
रामलला को प्रतिदिन चार समय भोग अर्पित किया जाता है। इन भोगों के लिए व्यंजन श्री राम मंदिर की पावन रसोई में शुद्धता और विधि-विधान से तैयार किए जाते हैं।
भोग का क्रम
- सुबह की शुरुआत बाल भोग से होती है
- समय और ऋतु के अनुसार अलग-अलग व्यंजन अर्पित किए जाते हैं
ऋतु अनुसार वस्त्र
भगवान श्री राम को हर दिन और मौसम के अनुसार वस्त्र पहनाए जाते हैं—
- ग्रीष्म ऋतु में सूती और हल्के वस्त्र
- शीत ऋतु में स्वेटर और ऊनी वस्त्र
यह श्रृंगार प्रभु के बाल स्वरूप को और भी मनोहारी बना देता है।
आरती व दर्शन का समय
- प्रथम आरती (मंगला आरती): सुबह 6:30 बजे
- प्रभु को जगाने के साथ पूजन, लेप, स्नान और वस्त्र धारण की विधि होती है
- दोपहर भोग आरती: 12:00 बजे
- संध्या आरती: शाम 7:30 बजे
- शयन आरती एवं शयन: रात 8:30 बजे
👉 रामलला के दर्शन श्रद्धालु शाम 7:30 बजे तक ही कर सकते हैं।
विशेष श्रृंगार
रामलला को पहनाई जाने वाली पुष्प माला विशेष रूप से दिल्ली से मंगाई जाती है, जो उनके श्रृंगार को और भी दिव्यता प्रदान करती है।
भगवान श्री राम प्रतिदिन भक्तों को अलग-अलग स्वरूप में दर्शन देकर कृतार्थ करते हैं।










