नई दिल्ली।उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति आवास (Vice-President’s Enclave) में राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी द्वारा लिखित पुस्तक ‘सनातन संस्कृति की अटल दृष्टि’ का विमोचन किया। यह पुस्तक पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित है, जिनकी जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर देश उन्हें स्मरण कर रहा है।
उपराष्ट्रपति ने पुस्तक को समयोचित श्रद्धांजलि बताते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक संस्थान थे। उनका संपूर्ण नेतृत्व सिद्धांतों, मूल्यों और सुशासन के प्रति अडिग प्रतिबद्धता का प्रतीक था।
सी. पी. राधाकृष्णन ने अटल जी के योगदानों को रेखांकित करते हुए कहा कि पोखरण परमाणु परीक्षण, निर्णायक प्रशासनिक सुधार और वैश्विक मंच पर भारत की सशक्त पहचान स्थापित करने में उनकी ऐतिहासिक भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की विरासत आज भी भारत की विकास यात्रा को प्रेरणा देती है।
पुस्तक के लेखक एवं राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि यह कृति अटल जी के विचारों, सनातन सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्रवादी दृष्टिकोण को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का प्रयास है।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।









