सरगुजा पशुपालन विभाग की एडवायजरी: भीषण गर्मी में पशुओं को ‘हीट स्ट्रोक’ से कैसे बचाएं, जानें उपाय






पशुपालन विभाग सरगुजा: गर्मी में पशुओं की देखभाल

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सरगुजा: पशुओं को ‘हीट स्ट्रोक’ से बचाने के लिए पशुपालन विभाग ने जारी की एडवायजरी

अम्बिकापुर। जिले में लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए पशुपालन विभाग ने पशुपालकों के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। विभाग के अनुसार, गर्मी के कारण पशुओं की दुग्ध उत्पादन क्षमता और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

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प्रमुख सुझाव: पशुओं को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच धूप में बाहर न निकालें। उन्हें हवादार और ठंडे शेड में रखें। शेड की छत पर पैरा (घास) डालकर तापमान कम करें।

पशुओं के लिए शीतल जल और आहार प्रबंधन

अतिरिक्त उपसंचालक डॉ. सी.के. मिश्रा ने शीतल जल की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि पशुओं को दिन में कम से कम 3 से 4 बार ताजा पानी पिलाएं। पानी में थोड़ा गुड़ या नमक मिलाना इलेक्ट्रोलाइट संतुलन के लिए अच्छा रहता है। आहार में हरे चारे की मात्रा बढ़ाएं और पशुओं को दिन में दो बार नहलाएं।

पशुओं में लू के लक्षण (Symptoms of Heat Stroke)

  • पशु का मुंह खोलकर सांस लेना और तेज हांफना।
  • मुंह से अत्यधिक लार टपकना।
  • सुस्ती, भूख कम लगना और अचानक गिर जाना।
  • दूध के उत्पादन में अचानक भारी गिरावट आना।

आपातकालीन प्राथमिक उपचार

यदि पशु में लू के लक्षण दिखें, तो उसे तुरंत छायादार जगह पर लाएं। उसके शरीर और विशेषकर सिर पर ठंडा पानी डालें। स्थिति गंभीर होने पर तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क करें।