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BSP Privatization: देवेन्द्र यादव चौथे दिन अनशन पर, टीएस सिंहदेव ने बताया राष्ट्रीय संपत्ति पर खतरा

भिलाई/रायपुर। भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में भिलाई विधायक देवेन्द्र यादव का अनशन लगातार चौथे दिन भी जारी है। इस आंदोलन को लेकर छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने खुलकर समर्थन जताया है।

टीएस सिंहदेव ने विधायक देवेन्द्र यादव के दृढ़ संकल्प की सराहना करते हुए कहा कि वे भिलाई की जनता, आंदोलनरत विधायक, उनके साथियों और सहयोगियों के साथ पूरी एकजुटता में खड़े हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह संघर्ष सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि हजारों मजदूरों, उनके परिवारों और सामाजिक न्याय की आवाज़ है।

टीएस सिंहदेव ने भिलाई स्टील प्लांट को देश की औद्योगिक विरासत का अनमोल रत्न बताते हुए कहा कि यह एक लाभकारी सार्वजनिक उपक्रम (PSU) है, जिसने दशकों तक देश के विकास और आत्मनिर्भरता में अहम भूमिका निभाई है। लेकिन अब इसे निजीकरण के नाम पर बेचने की तैयारी की जा रही है।

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उन्होंने आरोप लगाया कि निजीकरण की योजना के तहत प्लांट में कार्यरत कर्मचारियों की संख्या को आधे से भी कम करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही कर्मचारियों के क्वार्टरों की ज़मीन निजी रियल एस्टेट कंपनियों को सौंपने की तैयारी की जा रही है, ताकि वहां आवासीय परियोजनाएं विकसित की जा सकें।

टीएस सिंहदेव के अनुसार इसका सीधा असर हजारों परिवारों की रोज़ी-रोटी, आवासीय सुरक्षा और भविष्य पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार अब जनहित की नहीं, बल्कि रियल एस्टेट मुनाफ़े की सरकार बनती जा रही है, जहां देश की संपत्तियां कुछ गिने-चुने लोगों के लाभ के लिए बेची जा रही हैं।

उन्होंने यह भी चेताया कि निजीकरण का एक खतरनाक पहलू यह है कि इससे PSU में लागू आरक्षण व्यवस्था कमजोर होगी, जो दलित, आदिवासी, पिछड़े और वंचित वर्गों के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला है।

टीएस सिंहदेव ने दो टूक कहा कि भिलाई स्टील प्लांट का निजीकरण केवल आर्थिक फैसला नहीं, बल्कि यह रोजगार, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय संपत्ति पर हमला है, जिसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।

 

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