मध्य प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज: आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट, मानसून में देरी के आसार
भोपाल/डेस्क: मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया है। भीषण गर्मी और लू से जूझ रहे प्रदेशवासियों को प्री-मानसून गतिविधियों ने बड़ी राहत दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के करीब 45 से अधिक जिलों में आंधी, तेज बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ लाइन के सक्रिय होने से प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम का यही हाल रहने की संभावना है।
इन जिलों में 60 Kmph की रफ्तार से चलेगी आंधी
IMD भोपाल द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, नीमच, श्योपुर, मुरैना, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की गई है। इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि होने की संभावना है। इसके साथ ही, बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर भी प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
प्रदेश के 33 अन्य जिलों में बारिश की चेतावनी
राज्य के अन्य हिस्सों की बात करें तो उज्जैन, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर और रीवा संभाग के 33 जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और मध्यम बारिश होने का अनुमान है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और देवास जैसे बड़े शहरों में भी सुबह से ही बादल छाए रहने और हल्की बारिश का दौर देखा गया है।
मानसून की दस्तक: इस बार 5 से 7 दिन की देरी
दक्षिण-पश्चिम मानसून को लेकर आई नई जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश में मानसून के आगमन में सामान्य से 5 से 7 दिन की देरी हो सकती है। सामान्यतः 15 जून तक प्रदेश में पहुंचने वाला मानसून इस बार 20 से 22 जून के बीच दस्तक दे सकता है। वर्तमान में प्री-मानसून गतिविधियां ही प्रदेश के मौसम को नियंत्रित कर रही हैं, जो किसानों और आम नागरिकों के लिए राहत भरी हैं।
गर्मी का असर अभी भी बरकरार
प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और बादलों के बावजूद तापमान में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। पिछले 24 घंटों के आंकड़ों के अनुसार:
- रतलाम: 42.0°C (सबसे गर्म शहर)
- खरगोन: 41.8°C
- राजगढ़: 40.6°C
- खंडवा और मलाजखंड: 40.5°C
- भोपाल: 39.4°C
- जबलपुर: 39.8°C
- पचमढ़ी: 18.8°C (सबसे ठंडा स्थान)
नौतपा की परंपरा और बदलते हालात
इस वर्ष नौतपा के दौरान पूरे प्रदेश में मौसम का अनोखा रूप देखने को मिला। नौ दिनों के भीतर ही कई बार आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिससे मई की भीषण गर्मी और लू का प्रकोप काफी कम हो गया। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण और नमी की प्रचुरता के कारण मौसम में यह बदलाव आया है, जो प्री-मानसून का एक मजबूत संकेत है।
सावधानी बरतने की सलाह
प्रशासन और मौसम विभाग ने आम लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है:
- पेड़ों के नीचे न जाएं: आंधी के दौरान ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहें।
- बिजली से बचाव: गरज-चमक के समय खुले मैदानों में न रहें और यदि संभव हो तो पक्के मकान के अंदर ही रहें।
- यातायात में सावधानी: तेज हवाओं के कारण सड़कों पर दृश्यता कम हो सकती है, इसलिए वाहन चलाते समय गति धीमी रखें।
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: बिजली कड़कने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल कम करें।
आने वाले 4-5 दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम का यही उतार-चढ़ाव जारी रहने की उम्मीद है। मानसून के इंतजार में बैठे प्रदेशवासियों को फिलहाल इन प्री-मानसून बौछारों का आनंद लेना होगा और बदलते मौसम के प्रति सतर्कता बरतनी होगी।











