दुर्ग जिले में शेयर ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर एक ड्राइवर से 19 लाख रुपए की ठगी की गई

दुर्ग जिले में शेयर ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर एक ड्राइवर से 19 लाख रुपए की ठगी की गई है। आरोपियों ने 28 महीने में रकम चार गुना करने और हर महीने 10 से 12 प्रतिशत रिटर्न देने का लालच दिया था। मामले में एक महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामला उतई थाना क्षेत्र का है।

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पुलिस के अनुसार, आरोपी तृप्ति साहू खुद को ‘रैम्बो इंटरनेशनल ट्रेडिंग कंपनी’ की लीडर बताती थी। जांच में उसके कई बैंक खातों में लाखों रुपए के संदिग्ध लेनदेन मिले हैं। पुलिस का कहना है कि निवेशकों से मिली रकम का इस्तेमाल वह निजी कामों में कर रही थी।

ड्राइवर को चार गुना रकम का लालच

शिकायतकर्ता दीपक कुमार अहिरवार (35), निवासी ग्राम जोरातराई, उतई, पेशे से ड्राइवर हैं। उन्होंने बताया कि साल 2024 में उनकी पहचान ललित साहू के जरिए तृप्ति साहू से हुई। उसने दावा किया कि उसकी कंपनी 28 महीने में निवेश की रकम चार गुना कर देती है और हर महीने 10 से 12 प्रतिशत तक रिटर्न देती है।

उसने यह भी कहा कि इसी कारोबार से उसने घर और कार खरीदी है। दीपक ने बताया कि 28 फरवरी 2024 को उन्होंने उतई में ललित साहू के घर पर तृप्ति साहू को 5 लाख रुपए नकद दिए। अगले दिन उनके नाम से निवेश की आईडी बनाई गई। करीब एक महीने बाद आरोपी ने 45 हजार रुपए देकर भरोसा जीत लिया।

बैंक से लोन लेकर भेजे 14 लाख रुपए

शुरुआती रकम मिलने के बाद दीपक ने एक्सिस बैंक से 15 लाख रुपए का लोन लिया। 28 मार्च 2024 को उसमें से 14 लाख रुपए आरोपी के कहने पर निखिल पिल्लई के एचडीएफसी बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद भी उनसे लगातार और निवेश करने के लिए कहा जाता रहा।

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रिश्तेदारों और दोस्तों से भी कराई निवेश

आरोपी ने ज्यादा लोगों को जोड़ने पर अतिरिक्त कमाई का लालच दिया। इस पर दीपक ने अपने भाई, दोस्त और एक रिश्तेदार से 4 लाख रुपए लेकर निवेश कराया। उनके नाम से भी आईडी बनाई गई, लेकिन किसी को कोई रिटर्न नहीं मिला।

पैसे मांगने पर पहचानने से किया इनकार

कुछ समय तक रिटर्न मिलता रहा, लेकिन अप्रैल 2024 के बाद भुगतान बंद हो गया। आरोपी कंपनी अपडेट होने का बहाना बनाकर टालती रही। जब निवेशकों ने अपने पैसे वापस मांगे तो उसने पहचानने से इनकार कर दिया और कहा कि निवेश अपने जोखिम पर किया गया था।

19 लाख की ठगी का मामला दर्ज

शिकायतकर्ता ने कुल 23 लाख रुपए निवेश करने की बात कही। हालांकि पुलिस जांच में फिलहाल 19 लाख रुपए की धोखाधड़ी की पुष्टि होने पर उतई थाना में अपराध क्रमांक 389/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 420 और 34 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

बैंक खातों में मिले संदिग्ध लेनदेन

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के एसबीआई, यस बैंक, केनरा बैंक और एचडीएफसी बैंक खातों की जांच की। खातों में लाखों रुपए के संदिग्ध लेनदेन मिले। पूछताछ में आरोपी ने निवेशकों से मिली रकम का निजी इस्तेमाल करने और कुछ लोगों को आर्थिक लाभ पहुंचाने की बात स्वीकार की।

महिला गिरफ्तार, कार और दस्तावेज जब्त

20 जुलाई 2026 को पुलिस ने तृप्ति साहू को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया। पुलिस ने आरोपी के पास से बैंक पासबुक, पैन कार्ड, आधार कार्ड और कार (CG-07-CF-8179) जब्त की है।