छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड के 172 करोड़ रुपए के कथित ओवरटाइम भुगतान घोटाले में गिरफ्तार पूर्व प्रबंध संचालक (एमडी) अरुणपति त्रिपाठी की पुलिस रिमांड 25 जुलाई तक बढ़ा दी गई

छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड के 172 करोड़ रुपए के कथित ओवरटाइम भुगतान घोटाले में गिरफ्तार पूर्व प्रबंध संचालक (एमडी) अरुणपति त्रिपाठी की पुलिस रिमांड 25 जुलाई तक बढ़ा दी गई है।

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तीन दिन की शुरुआती रिमांड पूरी होने के बाद ईओडब्ल्यू ने सोमवार को उन्हें विशेष न्यायालय में पेश किया। अदालत ने जांच एजेंसी की मांग स्वीकार करते हुए चार दिन की अतिरिक्त रिमांड मंजूर कर दी।

ईओडब्ल्यू के अधिकारियों का मानना है कि, त्रिपाठी से पूछताछ के दौरान अवैध भुगतान की मंजूरी, कथित कमीशन नेटवर्क, मैनपावर एजेंसियों की भूमिका और अन्य अधिकारियों की संलिप्तता से जुड़े अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।

जरूरत पड़ने पर मामले के अन्य आरोपियों से आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ की जाएगी, ताकि भुगतान प्रक्रिया और कथित साजिश की परतें खोली जा सकें।

2019-20 से 2023-24 के बीच हुआ ओवरटाइम घोटाला

जांच के अनुसार साल 2019-20 से 2023-24 के बीच ओवरटाइम, बोनस, अतिरिक्त चार कार्य दिवस और सर्विस चार्ज के नाम पर नियमों के विपरीत 172 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया गया।

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आरोप है कि सर्विस चार्ज के रूप में जारी राशि का बड़ा हिस्सा कथित तौर पर कमीशन के रूप में एक सिंडिकेट के जरिए बांटा गया। जांच एजेंसी अब रकम भेजने वाले और रीसिव करने वालों का पता लगाने में जुटी है।

12 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट हो चुकी पेश

इस मामले में ईओडब्ल्यू-एसीबी पहले ही कारोबारी अनवर ढेबर समेत 12 आरोपियों के खिलाफ विशेष न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। वहीं सुमित फैसिलिटीज, प्राइमवन वर्क फोर्स, ए-टू-जेड इंफ्रा सर्विसेज, अलर्ट कमांडोज और ईगल हंटर सॉल्यूशंस जैसी मैनपावर एजेंसियां भी जांच के दायरे में हैं।

अब पढ़िए क्या है CSMCL ओवरटाइम घोटाला

जांच एजेंसियों के मुताबिक शराब दुकान में काम करने वाले कर्मचारियों को ओवर टाइम का पैसा मिलना था। लेकिन फर्जी बिल, बढ़े हुए भुगतान और अवैध कमीशन व्यवस्था के जरिए घोटाले की रकम को अधिकारियों, सिंडिकेट और संबंधित कंपनियों के पास गई।