इंदौर पुलिस का वर्ल्ड रिकॉर्ड: ‘नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0’ में 8534 लोगों ने बनाई मानव श्रृंखला

विशेष संवाददाता | प्रदेश Khabar | अपडेटेड: 21 जुलाई 2026

इंदौर: मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के यशस्वी नेतृत्व तथा पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के मार्गदर्शक निर्देशों के अनुरूप प्रदेशभर में नशे के विरुद्ध एक व्यापक और निर्णायक जन-अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी श्रृंखला में चलाए जा रहे बहुप्रतीक्षित जनजागरूकता अभियान “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” को आर्थिक राजधानी इंदौर में अभूतपूर्व और ऐतिहासिक जनसहभागिता प्राप्त हुई है। पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर संतोष कुमार सिंह के कुशल निर्देशन और परिकल्पना के तहत आयोजित इस विशाल जनजागरूकता कार्यक्रम में शहर के विभिन्न वर्गाें के नागरिकों ने दिल खोलकर हिस्सा लिया। इस आयोजन में कुल 8,534 विद्यार्थियों, सामाजिक संस्थाओं के सम्मानित सदस्यों, खिलाड़ियों, नगर सुरक्षा समिति के मुस्तैद सदस्यों, पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों एवं आम नागरिकों ने कंधे से कंधा मिलाकर एक भव्य मानव श्रृंखला का निर्माण किया और नशे के खिलाफ एक मजबूत वैश्विक संदेश देते हुए विश्व रिकॉर्ड स्थापित कर दिखाया!

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मुख्य बिंदु: एक नजर में

  • नया कीर्तिमान: 8,534 प्रतिभागियों ने एक साथ मानव श्रृंखला बनाकर रचा नया इतिहास।
  • पिछला रिकॉर्ड टूटा: इंदौर पुलिस कमिश्नरेट ने अपना ही पूर्व रिकॉर्ड (7,100 लोगों की श्रृंखला) ध्वस्त किया।
  • दोहरे विश्व रिकॉर्ड की उपलब्धि: विशाल मानव श्रृंखला के साथ-साथ एक ही आयोजन में इतनी बड़ी जनसख्या को एक साथ ड्रग्स के दुष्परिणामों पर संबोधित करने का अनूठा रिकॉर्ड भी बनाया गया।
  • गरिमापूर्ण उपस्थिति: वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की टीम द्वारा प्रमाण पत्र पुलिस कमिश्नर को सौंपा गया।

इंदौर पुलिस कमिश्नरेट ने तोड़ा अपना ही पुराना रिकॉर्ड

इस अद्भुत उपलब्धि के साथ ही इंदौर पुलिस कमिश्नरेट ने नशे के विरुद्ध मानव श्रृंखला बनाने के अपने ही पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। इससे पूर्व इंदौर पुलिस के नाम 7,100 लोगों की विशाल मानव श्रृंखला बनाने का रिकॉर्ड दर्ज था, जिसे इस बार शहर के उत्साही अवाम ने एकजुट होकर और भी बड़े पैमाने पर तब्दील कर दिया। इस बार 8,534 नागरिकों की सक्रिय सहभागिता ने न केवल नया कीर्तिमान स्थापित किया, बल्कि यह भी सिद्ध कर दिया कि इंदौर शहर एक स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए कितनी गहराई से प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम की महत्ता को आंकते हुए ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ की ओर से विशेष प्रतिनिधि के रूप में पहुंची एडिटर अपूर्वा मेनन एवं पलाश शुक्ला ने इस अद्वितीय उपलब्धि का आधिकारिक रिकॉर्ड प्रमाण पत्र इंदौर के पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह को प्रदान किया। संस्था के प्रतिनिधियों ने इंदौर पुलिस के इस नवाचार और प्रशासनिक कुशलता की भरपूर सराहना की।

एक ही आयोजन में दोहरे विश्व रिकॉर्ड की ओर कदम

यह भव्य आयोजन केवल एक विशाल मानव श्रृंखला के निर्माण तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका दायरा और प्रभाव इससे कहीं अधिक व्यापक था। कार्यक्रम के दौरान एक ही मंच और स्थल पर 8,534 से अधिक उत्साही लोगों को एक साथ एकत्रित कर नशे के भयानक दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के लिए एक विशाल सामूहिक सत्र भी आयोजित किया गया। इस अभूतपूर्व जन-संवाद और जन-चेतना के लिए भी विश्व रिकॉर्ड का दावा प्रस्तुत किया गया है। इस प्रकार इंदौर पुलिस कमिश्नरेट ने एक ही आयोजन के भीतर दो बड़े विश्व रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कराने की दिशा में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है।

नशे के खिलाफ लड़ाई पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी: पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह

कार्यक्रम को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए इंदौर के पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने न केवल युवाओं बल्कि पूरे समाज का मार्गदर्शन किया। उन्होंने अपने संबोधन में नशे के सामाजिक, पारिवारिक और व्यक्तिगत स्तर पर होने वाले घातक दुष्परिणामों पर बेहद संजीदगी से प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में आह्वान किया कि आज की युवा पीढ़ी को इस दलदल से बचाना हम सबका नैतिक कर्तव्य है।

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पुलिस आयुक्त ने जोर देकर कहा कि, “नशे के विरुद्ध लड़ी जाने वाली यह लड़ाई केवल पुलिस विभाग अकेले का काम नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की साझा और नैतिक जिम्मेदारी है। जब परिवार, शैक्षणिक संस्थान, सामाजिक संगठन, प्रशासनिक अमला और जागरूक नागरिक एकजुट होकर सामूहिक प्रयास करते हैं, तभी एक सच्चे नशामुक्त समाज के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।”

प्रतिभागियों ने ली नशामुक्त रहने की सामूहिक शपथ

संबोधन के उपरांत पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने कार्यक्रम में उपस्थित विशाल जनसमूह, विद्यार्थियों और गणमान्य नागरिकों को नशे से आजीवन दूर रहने की अत्यंत प्रेरणादायक शपथ दिलाई। उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने स्वर में स्वर मिलाकर संकल्प लिया कि वे न केवल स्वयं कभी नशे की गिरफ्त में नहीं आएंगे, बल्कि अपने परिवार, मित्रों और आस-पड़ोस के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे। साथ ही, उन्होंने नशामुक्त इंदौर और नशामुक्त मध्य प्रदेश के निर्माण में अपनी सक्रिय और सकारात्मक भूमिका निभाने का संकल्प लिया。

समाज के हर वर्ग की ऐतिहासिक और सक्रिय सहभागिता

इस वृहद आयोजन की सफलता का सबसे बड़ा कारण यह रहा कि इसमें समाज के हर आयु वर्ग और हर पेशे के लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस ऐतिहासिक मानव श्रृंखला एवं कार्यक्रम में मुख्य रूप से निम्नलिखित महानुभावों और वर्गों की सहभागिता रही:

  • अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध/मुख्यालय) आर.के. सिंह
  • अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) मयंक अवस्थी
  • समस्त पुलिस उपायुक्त, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, सहायक पुलिस आयुक्त एवं ज़िलों के थाना प्रभारी व अन्य पुलिस अधिकारी-कर्मचारी
  • पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज (PTC) तथा RAPTC के प्रशिक्षित अधिकारी एवं जवान
  • शहर के विभिन्न प्रतिष्ठित स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के हजारों विद्यार्थी एवं शिक्षक
  • फिजिकल अकादमी से जुड़े ऊर्जावान खिलाड़ी
  • मेडिकल कॉलेज के प्रशिक्षु चिकित्सक (डॉक्टर्स)
  • विभिन्न प्रतिष्ठित सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि
  • नगर सुरक्षा समिति के मुस्तैद सदस्य
  • क्षेत्र के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और मीडिया प्रतिनिधि
  • बड़ी संख्या में जागरूक स्थानीय नागरिक एवं महिलाएं

जनआंदोलन का रूप ले रहा है ‘नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0’ अभियान

उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश शासन और पुलिस मुख्यालय के दिशा-निर्देशन में पूरे प्रदेश में इन दिनों “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत इंदौर पुलिस द्वारा शिक्षण संस्थानों, स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंगल्हबों, बस्तियों, झुग्गी क्षेत्रों, व्यापारिक संघों और सामाजिक संगठनों के बीच लगातार जन-जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के कर्णधार युवाओं और आम जनता को नशे की लत के दुष्प्रभावों से वैज्ञानिक व सामाजिक रूप से अवगत कराना तथा इस पुनीत कार्य में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।

इंदौर का यह भव्य और ऐतिहासिक आयोजन इस बात का अकाट्य प्रमाण है कि जब पुलिस प्रशासन और आम जनता हाथ में हाथ डालकर किसी सामाजिक अभिशाप के खिलाफ सड़कों पर उतरते हैं, तो वह केवल एक अभियान नहीं रहता, बल्कि एक सशक्त और प्रभावी जनआंदोलन का रूप ले लेता है। यह विश्व रिकॉर्ड इस बात का गवाह है कि इंदौर ने ठान लिया है कि वह अपनी युवा पीढ़ी को सुरक्षित और उज्जवल भविष्य देगा।

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