21 सालों का इंतजार खत्म: मध्यप्रदेश में 25 सितम्बर से दौड़ेगी ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’, भोपाल में तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे डॉ. मोहन यादव
— डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश
भोपाल। मध्यप्रदेश के यात्रियों और आम नागरिकों के लिए 25 सितम्बर का दिन एक नया स्वर्णिम इतिहास रचने जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2005 के बाद से बंद पड़ी सार्वजनिक लोक परिवहन बस सेवा को एक सर्वथा नवीन, अत्याधुनिक एवं हाईटेक स्वरूप में पुन: शुरू किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मोत्सव के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित किए जा रहे ‘सेवा संकल्प माह’ के अंतर्गत इस महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ का भव्य शुभारंभ पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर होने जा रहा है।
गुरुवार की शाम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी भोपाल स्थित बीएचईएल (BHEL) दशहरा मैदान पहुंचकर 25 सितम्बर को आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय शुभारंभ समारोह की तैयारियों का बारीकी से निरीक्षण किया। कार्यक्रम स्थल का जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया प्रतिनिधियों से विस्तृत चर्चा की और इस योजना को प्रदेश के दूरगामी विकास और आम जन-सुविधा की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी होंगे मुख्य अतिथि
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि भोपाल के बीएचईएल दशहरा मैदान में आयोजित हो रहे इस ऐतिहासिक समारोह में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री ने भोपाल और पूरे मध्यप्रदेश की आठ करोड़ जनता की ओर से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का अग्रिम स्वागत करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार का यह साझा प्रयास मध्यप्रदेश में सड़क बुनियादी ढांचे और सुगम सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नए आयाम प्रदान करेगा =।
‘आधुनिक और यूनिक मॉडल’: हर जिले और गांव तक पहुंचेगी ई-बस सेवा
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की रूपरेखा और दूरदर्शी सोच को साझा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक सामान्य बस सेवा नहीं है, बल्कि एक अत्यंत आधुनिक, वैज्ञानिक और यूनिक पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर आधारित तंत्र है। इसके तहत ग्रीन मोबिलिटी को प्राथमिकता देते हुए ई-बसों (इलेक्ट्रिक बसों) तथा सीएनजी और आधुनिक बीएस-VI श्रेणी की विभिन्न प्रकार की बस सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से राज्य के हर नगर, हर तहसील और हर जिले तक विस्तारित किया जाएगा।
यात्रियों की यात्रा को आरामदायक, सुरक्षित और समयबद्ध बनाने के लिए अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों का समावेश किया गया है। पूरी व्यवस्था को नियंत्रित और संचालित करने के लिए उच्च स्तरीय कंट्रोलिंग मैकेनिज्म विकसित किया गया है। बस डिपो, बस स्टैंड्स और सड़क किनारे यात्री स्टॉप्स को सर्वसुविधायुक्त और आधुनिक बनाया जा रहा है ।
सिटी बसों से लेकर राज्यों के अंतरराज्यीय लक्जरी मार्गों तक विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार, योजना के प्रारंभिक चरण में शहरों के आंतरिक आवागमन हेतु ‘इंट्रासिटी’ बसों का संचालन होगा, जबकि विभिन्न शहरों और जिलों को जोड़ने के लिए ‘इंटरसिटी’ सेवा शुरू की जा रही है। इसके तुरंत बाद अगले चरण में राज्य के प्रमुख शहरों से देश के विभिन्न राज्यों, महानगरों और प्रमुख तीर्थस्थलों को जोड़ने वाली अंतरराज्यीय (Interstate) लक्जरी और प्रीमियम बस सेवाओं की शुरुआत भी की जाएगी।
इससे न केवल प्रदेश के भीतर दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों, कामकाजी वर्ग और महिलाओं के लिए सफर आसान और किफ़ायती होगा, बल्कि देश के प्रमुख व्यापारिक केंद्र और धार्मिक पर्यटन स्थल भी मध्यप्रदेश के सीधे परिवहन नेटवर्क से जुड़ जाएंगे।
प्रथम चरण का रोडमैप (25 सितम्बर से परिचालन):
- कुल बसें: पहले ही दिन 351 बसों को हरी झंडी दिखाई जाएगी।
- श्रेणियां: इनमें 231 इंट्रासिटी (शहर के भीतर) और 120 इंटरसिटी (शहरों के मध्य) बसें शामिल हैं।
- शुरुआती 7 प्रमुख शहर: भोपाल (106 बसें), इंदौर (145 बसें), जबलपुर (67 बसें), रीवा (18 बसें), देवास (10 बसें), कटनी (3 बसें) एवं भिंड (2 बसें)।
- मार्च 2027 तक का लक्ष्य: योजना का दायरा बढ़ाकर 1,006 बसों तक किया जाएगा।
- वर्ष 2031 का दीर्घकालिक विजन: पूरे राज्य में 15,000 से अधिक आधुनिक बसों का संचालन और 75% से अधिक ग्राम पंचायतों को सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ना।
मेट्रो के बाद सड़क परिवहन की यह दूसरी बड़ी क्रांति
मध्य प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के विकास पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल सेवा की ऐतिहासिक शुरुआत के बाद सड़क परिवहन के क्षेत्र में लोक परिवहन बस सेवा का यह पुनरुद्धार प्रदेश के विकास की दिशा में एक बहुत बड़ा और निर्णायक कदम है। पिछले 21 वर्षों में राज्य सरकार ने बिजली, पानी, पक्की सड़कों, स्वास्थ्य सुविधाओं और ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने का अभूतपूर्व काम किया है। अब सरकार का पूरा ध्यान सुगम, पारदर्शी और आधुनिक यातायात व्यवस्था के विस्तार पर केंद्रित है।
सुरक्षा और तकनीक: पैनिक बटन, GPS और ITMS से लाइव ट्रैकिंग
यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को इस पूरी सेवा में सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ की सभी बसों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लागू किया गया है। इसके संचालन के लिए मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MPYPIL) तथा उसकी 7 क्षेत्रीय सहायक कंपनियों में आधुनिक कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं।
बसों में सुरक्षा और तकनीक से जुड़ी प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
- लाइव जीपीएस ट्रैकिंग: प्रत्येक बस में जीपीएस ट्रैकर लगा होगा, जिससे यात्री मोबाइल ऐप के जरिए अपनी बस की सटीक स्थिति और आगमन का समय देख सकेंगे।
- इमरजेंसी पैनिक बटन: किसी भी अप्रिय स्थिति या आपातकाल में महिला यात्रियों और नागरिकों की सुरक्षा हेतु पैनिक बटन की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
- सीसीटीवी और ड्राइवर मॉनिटरिंग: बसों के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और चालकों के व्यवहार तथा गति सीमा की निगरानी सीधे सेंट्रल कंट्रोल रूम से होगी।
- प्रशिक्षित चालक दल: ड्राइवरों को आधुनिक ई-बस, सीएनजी संचालन और सड़क सुरक्षा के कड़े मापदंडों का विशेष प्रशिक्षण देने के लिए इंदौर, छिंदवाड़ा, भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन में अत्याधुनिक ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट तैयार किए गए हैं।
सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की भागीदारी (PPP Model) से रोजगार के अवसर
योजना के आर्थिक और सामाजिक प्रभावों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पीपीपी (PPP) मॉडल के माध्यम से बड़े और छोटे निजी बस ऑपरेटरों को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत इस योजना से जोड़ा जा रहा है। इससे न केवल सरकारी राजस्व का क्षरण रुकेगा बल्कि परिवहन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नया निवेश आकर्षित होगा।
बस संचालन, मेंटेनेंस, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, आईटी और डिजिटल टिकटिंग से जुड़े क्षेत्रों में हजारों कुशल और अकुशल युवाओं के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार और स्वरोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
| मुख्य बिंदु | विस्तार / विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा (Mukhyamantri Sugam Parivahan Seva) |
| शुभारंभ तिथि | 25 सितम्बर 2026 (पं. दीनदयाल उपाध्याय जयंती) |
| मुख्य अतिथि | केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव |
| शुभारंभ स्थल | बीएचईएल (BHEL) दशहरा मैदान, भोपाल |
| प्रारंभिक बेड़ा | 351 बसें (120 इंटरसिटी + 231 इंट्रासिटी) |
| संचालन एजेंसी | मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MPYPIL) |
| तकनीकी विशेषता | ITMS, GPS, पैनिक बटन, सीसीटीवी, ई-टिकटिंग, लाइव ट्रैकिंग |
मध्यप्रदेश में 2005 के बाद लोक परिवहन बस सेवा का बंद होना आम नागरिकों के लिए एक बड़ी असुविधा का कारण बना हुआ था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में 25 सितम्बर से ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ का शुभारंभ राज्य में सुलभ, सुरक्षित, हरित और आधुनिक यात्रा के एक नए युग की शुरुआत है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच की दूरी कम होगी, आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी और मध्यप्रदेश का सड़क परिवहन ढांचा देश में एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करेगा ।
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