अपराध एवं सख्त कार्रवाई
सागर के बंडा में अवैध शराब माफियाओं पर चला प्रशासन का बुलडोजर: CM मोहन यादव के सख्त निर्देश के बाद 5 अवैध अतिक्रमण ध्वस्त
शासकीय भूमि पर बने पक्के मकान, बिल्डिंग और गोदामों को किया गया जमींदोज; आरोपियों को दिया गया था 24 घंटे का नोटिस
सागर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सागर दौरे के तुरंत बाद जिला प्रशासन ने बंडा क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार में लिप्त माफियाओं पर बड़ी स्ट्राइक की है। बंडा में जहरीली/अवैध शराब से हुई मौतों के मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई के कड़े निर्देश दिए थे। इसके बाद एक्शन में आए जिला प्रशासन और पुलिस बल की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों के 5 अवैध निर्माणों को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
प्रशासनिक कार्रवाई के प्रमुख बिंदु
- CM का कड़ा रुख: मुख्यमंत्री के सागर दौरे के दौरान दिए गए निर्देशों के बाद बंडा में हुई बड़ी बुलडोजर कार्रवाई।
- 5 निर्माण ध्वस्त: शासकीय भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए पक्के मकान, बहुमंजिला बिल्डिंग और गोदामों को ढहाया गया।
- शराब कारोबार का केंद्र: इन्हीं अवैध संपत्तियों का उपयोग अवैध शराब का कारोबार संचालित करने के लिए किया जा रहा था।
- नियमानुसार प्रक्रिया: 24 घंटे पूर्व नोटिस चस्पा कर मांगा गया था स्पष्टीकरण; तय समय में जवाब न मिलने पर हुआ एक्शन।
ध्वस्त किए गए अवैध निर्माणों का विवरण
| आरोपी का नाम | मामले में भूमिका | ध्वस्त किए गए निर्माणों की संख्या & प्रकार |
|---|---|---|
| मनीष लोधी | मुख्य आरोपी (अवैध शराब प्रकरण) | 3 अवैध निर्माण (मकान व पक्की बिल्डिंग) |
| चंद्रभान राजपूत | मुख्य आरोपी (अवैध शराब प्रकरण) | 1 अवैध निर्माण (गोदाम/इमारत) |
| आशीष साहू | मुख्य आरोपी (अवैध शराब प्रकरण) | 1 अवैध निर्माण (शासकीय भूमि पर कब्जा) |
प्रशासन की स्पष्ट चेतावनी — भू-माफियाओं और अवैध कारोबारियों पर जारी रहेगा प्रहार
सागर जिला प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि— “जिले में अवैध शराब, माफिया तंत्र और शासकीय भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कठोर और दंडात्मक कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
मौके पर मुस्तैद रहा भारी पुलिस बल व प्रशासनिक अमला
कार्रवाई के दौरान नगर परिषद बंडा, राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम पूरी तैयारी के साथ मौके पर मौजूद रही। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसडीएम, तहसीलदार, नगर परिषद सीएमओ तथा भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने शासकीय भूमि पर कब्जा कर न केवल पक्के निर्माण किए थे, बल्कि इन्हीं स्थानों को अवैध शराब के भंडारण और वितरण का केंद्र बना रखा था। 24 घंटे पहले नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था, लेकिन आरोपियों की ओर से कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत न किए जाने पर नियमानुसार यह सख्त ध्वस्तीकरण कार्रवाई की गई।














