
Akhilesh Yadav on Kumbh Land Row: सत्ता का अहंकार साधु-संतों के सम्मान से बड़ा नहीं, भाजपा राज में परंपराओं का अपमान
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कुंभ और माघमेले में भूमि आवंटन को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला। कहा—साधु-संतों से दुर्व्यवहार घोर परंपरा-विरोधी।
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कुंभ और माघमेले में भूमि आवंटन को लेकर भाजपा सरकार और प्रशासन पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि किसी एक की सत्ता का अहंकार-अभिमान सच्चे साधु-संतों के मान-सम्मान से बड़ा नहीं हो सकता।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि जो लोग अपने लिए भूमि पर स्थायी कब्ज़ा कर बैठे हैं, वे धर्म के कार्यों के लिए दूसरों को अस्थायी भूमि तक देने को तैयार नहीं हैं। इसे उन्होंने सदियों से चली आ रही परंपरा का घोर अपमान बताया।
‘साधु-संतों से आशीर्वाद लेने की परंपरा टूटी’
सपा अध्यक्ष ने कहा कि कुंभ और माघमेले की स्वस्थ परंपरा रही है कि इस पुण्य आयोजन के लिए अधिकारी पूज्य साधु-संतों का आशीर्वाद लेते हैं, लेकिन वर्तमान भाजपा राज में हालात ऐसे बन गए हैं कि साधु-संतों को अधिकारियों के सामने ज़मीन पर लेटकर गिड़गिड़ाना पड़ रहा है, वह भी व्यक्तिगत नहीं बल्कि धर्मार्थ कार्य के लिए।
प्रशासनिक भूमिका पर सवाल
अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि अधिकारी किसके कहने पर संत-समाज से ऐसा दुर्व्यवहार करने का दुस्साहस कर रहे हैं। उन्होंने कहा—
“कोई भी समझदार अधिकारी ऐसा कार्य नहीं करता जिससे समाज आक्रोशित हो। सब जानते हैं अधिकारी किससे संचालित होते हैं और किसके डर व दबाव में ऐसे कुकृत्य करने को मजबूर हैं।”
‘अधर्म की जीत नहीं होती’
अपने बयान के अंत में सपा प्रमुख ने कहा कि अपने को सबसे ऊपर दिखाने के लिए दूसरों को नीचा दिखाने की प्रवृत्ति अंततः हारती है।
उन्होंने चेताया कि अधर्म कभी नहीं जीतता और एकाधिकार की दुर्भावना अंततः पराजित होती है।










