
Ayodhya Ramlala Aarti Live Darshan 1 January: रामलला का अलौकिक श्रृंगार, जानिए आरती, भोग और दर्शन का पूरा समय
Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में विराजमान प्रभु श्री रामलला का प्रतिदिन भव्य श्रृंगार होता है। जानिए 1 जनवरी को रामलला की आरती, भोग, वस्त्र और दर्शन का पूरा शेड्यूल।
अयोध्या में रामलला का दिव्य दर्शन और दैनिक श्रृंगार व्यवस्था
अयोध्या धाम स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में विराजमान संपूर्ण ब्रह्मांड के नायक प्रभु श्री रामलला सरकार का प्रतिदिन भव्य और अलौकिक श्रृंगार किया जाता है। मौसम और समय के अनुसार रामलला को अलग-अलग वस्त्र धारण कराए जाते हैं। गर्मियों में उन्हें सूती एवं हल्के वस्त्र पहनाए जाते हैं, जबकि शीत ऋतु में स्वेटर और ऊनी वस्त्र धारण कराए जाते हैं।
श्रृंगार और वस्त्र व्यवस्था
रामलला को प्रतिदिन नए और आकर्षक स्वरूप में दर्शन कराए जाते हैं। उनके लिए विशेष फूलों की माला दिल्ली से मंगाई जाती है। श्रृंगार के दौरान लेप, स्नान और वस्त्र धारण की विधि पूरी श्रद्धा और वैदिक मंत्रों के साथ संपन्न होती है।
रामलला आरती और दर्शन का समय
- मंगला आरती (प्रथम आरती): सुबह 6:30 बजे
- भोग आरती: दोपहर 12:00 बजे
- संध्या आरती: शाम 7:30 बजे
- शयन आरती: रात 8:30 बजे
- दर्शन का समय: सुबह से शाम 7:30 बजे तक
आरती के बाद प्रभु श्री रामलला को शयन करवाया जाता है, जिसके पश्चात मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं।
रामलला को चार समय भोग
रामलला को प्रतिदिन चार समय भोग अर्पित किया जाता है। सभी भोग राम मंदिर की पवित्र रसोई में तैयार किए जाते हैं।
- बाल भोग: सुबह की शुरुआत बाल भोग से होती है
- राजभोग: दोपहर में विशेष व्यंजन
- संध्या भोग: संध्या आरती से पूर्व
- शयन भोग: शयन आरती से पहले
हर समय और दिन के अनुसार भोग के व्यंजन अलग-अलग होते हैं।
1 जनवरी को विशेष अलौकिक श्रृंगार
पौष माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि, विक्रम संवत 2082 (गुरुवार, 1 जनवरी) को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र, अयोध्या धाम में प्रभु श्री रामलला सरकार का विशेष अलौकिक श्रृंगार संपन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दिव्य दर्शन का लाभ लिया।











