बिहार। ब्रेल लिपि के जनक लुई ब्रेल की जयंती पर 4 जनवरी को विश्व ब्रेल दिवस मनाया गया। संयुक्त राष्ट्र द्वारा हर वर्ष मनाए जाने वाले इस दिवस के अवसर पर बिहार के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) की छात्राओं ने लुई ब्रेल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी दूरदर्शी सोच को याद किया, जिसने दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए ज्ञान के द्वार खोल दिए।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि ब्रेल एक स्पर्श आधारित लिपि प्रणाली है, जिसमें छह उभरे हुए बिंदुओं के माध्यम से अक्षरों, संख्याओं के साथ-साथ संगीत, गणित और वैज्ञानिक प्रतीकों को भी दर्शाया जाता है। ब्रेल लिपि के माध्यम से नेत्रहीन और आंशिक दृष्टिबाधित लोग भी वही पुस्तकें और पत्रिकाएं पढ़ सकते हैं, जो सामान्य दृश्य लिपि में उपलब्ध होती हैं।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से समावेशी शिक्षा, समान सीखने के अवसर और विविध शिक्षण आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशीलता के महत्व को रेखांकित किया गया। शिक्षा मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के तहत सभी वर्गों के विद्यार्थियों को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।










