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लाल बहादुर शास्त्री पुण्यतिथि: प्रियंका गांधी और टी.एस. सिंहदेव ने दी श्रद्धांजलि

लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि पर कांग्रेस नेताओं का नमन, ‘जय जवान, जय किसान’ को बताया शाश्वत प्रेरणा

रायपुर/भारत रत्न, महान स्वतंत्रता सेनानी, पूर्व प्रधानमंत्री और पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि पर देशभर में उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। इस अवसर पर कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ कांग्रेस नेता टी.एस. सिंहदेव ने उन्हें सादर नमन करते हुए उनके योगदान को स्मरण किया।

प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि शास्त्री जी ने भारत की आज़ादी से लेकर राष्ट्र निर्माण तक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने देश की जनता को एकजुटता, अनुशासन और प्रगति का मार्ग दिखाया।

 “जय जवान, जय किसान” — राष्ट्र निर्माण का मंत्र

प्रियंका गांधी ने कहा कि

“श्री लाल बहादुर शास्त्री जी ने ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा देकर देश को सुरक्षा और समृद्धि का स्पष्ट रास्ता दिखाया।”

उन्होंने कहा कि शास्त्री जी की कर्मठता, सादगी, विनम्रता और देशसेवा के प्रति समर्पण आज भी हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि सच्चा नेतृत्व शक्ति नहीं, बल्कि सेवा और त्याग से बनता है।

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टी.एस. सिंहदेव ने दी विनम्र श्रद्धांजलि

छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता टी.एस. सिंहदेव ने भी शास्त्री जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने कहा कि

“‘जय जवान, जय किसान’ का उनका नारा और संकल्प हमें देश को प्रगतिशील, आत्मनिर्भर और न्यायपूर्ण बनाने के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा।”

सिंहदेव ने कहा कि शास्त्री जी का जीवन ईमानदारी, नैतिकता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की मिसाल है।

 सादगी और साहस का प्रतीक

लाल बहादुर शास्त्री को भारतीय राजनीति में सादगी, ईमानदारी और दृढ़ नेतृत्व के लिए विशेष रूप से याद किया जाता है। 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान उनके साहसिक निर्णयों और देश को एकजुट रखने की क्षमता ने उन्हें इतिहास में अमर बना दिया।

उन्होंने यह सिद्ध किया कि नेतृत्व दिखावे से नहीं, बल्कि कर्तव्यनिष्ठा और आत्मबल से मजबूत होता है।

 आज भी प्रासंगिक है शास्त्री जी की सोच

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आज के समय में भी शास्त्री जी के विचार—किसानों का सम्मान, जवानों का मनोबल और राष्ट्रीय एकता—पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों को ईमानदार राजनीति और राष्ट्रसेवा की दिशा दिखाता रहेगा।

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