
काजू व्यापारियों से 24.76 करोड़ की ठगी: ED ने अनीश बाबू को PMLA के तहत किया गिरफ्तार
प्रवर्तन निदेशालय ने काजू व्यापारियों से करोड़ों की ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कोल्लम निवासी अनीश बाबू को गिरफ्तार किया। आरोपी 19 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में।
काजू व्यापारियों से करोड़ों की ठगी मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, अनीश बाबू गिरफ्तार
कोच्चि | राष्ट्रीय समाचार | 15 जनवरी 2026| प्रवर्तन निदेशालय (ED) के कोच्चि ज़ोनल ऑफिस ने काजू व्यापारियों से बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए अनीश बाबू को गिरफ्तार किया है। आरोपी अनीश बाबू (उम्र 35 वर्ष), कोल्लम (केरल) का निवासी है और उसे धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 19(1) के तहत 14 जनवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया।
ED के अनुसार यह कार्रवाई केरल पुलिस और क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज कई FIRs के आधार पर की गई जांच के बाद की गई है। आरोपी पर काजू व्यापारियों से आयात और कच्चे काजू की आपूर्ति के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोप है।
फर्जी कंपनियों के जरिए ठगी का आरोप
ED की जांच में सामने आया है कि अनीश बाबू ने अपनी कई संस्थाओं के माध्यम से व्यापारियों को धोखे में डाला। इनमें प्रमुख रूप से—
- M/s Bi Southern Trade Ltd (तंजानिया)
- M/s Praise Exports FZE (शारजाह)
- M/s Vazhavila Cashews (कोल्लम)
शामिल हैं। आरोप है कि इन कंपनियों के जरिए विदेश से कच्चे काजू के आयात का झांसा देकर व्यापारियों से भारी मात्रा में अग्रिम राशि वसूली गई।
24.76 करोड़ रुपये की ठगी, न काजू मिला न पैसा लौटा
ED के मुताबिक, आरोपी ने विभिन्न शिकायतकर्ताओं से करीब 24.76 करोड़ रुपये की राशि अग्रिम के रूप में वसूल की। हालांकि, न तो काजू की आपूर्ति की गई और न ही रकम वापस की गई। जांच में यह भी सामने आया कि पीड़ितों को गुमराह करने के लिए—
- बिल ऑफ लोडिंग
- SWIFT मैसेज
- फर्जी चेक और दस्तावेज
तैयार किए गए।
विदेश भेजा गया पैसा, मनी लॉन्ड्रिंग की पुष्टि
ED की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि ठगी से जुटाई गई रकम को विदेशों में ट्रांसफर, लेयरिंग और छुपाने की प्रक्रिया अपनाई गई। यह राशि PMLA के तहत अपराध से अर्जित संपत्ति (Proceeds of Crime) मानी गई है, जिससे मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध सिद्ध होता है।
जांच में सहयोग नहीं, कोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज
ED ने बताया कि आरोपी को जांच के दौरान PMLA की धारा 50 के तहत कई बार समन जारी किए गए, लेकिन वह लगातार जांच में सहयोग नहीं कर रहा था। सिर्फ एक बार 3 जनवरी 2025 को पेश हुआ, जबकि बाकी मौकों पर टालमटोल करता रहा।
अनीश बाबू की अग्रिम जमानत याचिकाएं—
- सेशन कोर्ट, एर्नाकुलम
- केरल हाईकोर्ट
- सुप्रीम कोर्ट
तीनों स्तरों पर खारिज कर दी गई थीं।
19 जनवरी तक न्यायिक हिरासत
14 जनवरी 2026 को ED कार्यालय में बयान दर्ज किए जाने के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया। उसे 15 जनवरी 2026 को विशेष PMLA कोर्ट, एर्नाकुलम में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे 19 जनवरी 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मनी ट्रेल, खासकर विदेशों में भेजी गई राशि, का पता लगाने के लिए हिरासत में पूछताछ जरूरी है और इस मामले में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान भी की जाएगी।









