
किसान तुंहर टोकन ऐप से आसान हुई धान खरीदी, करजी किसान को मिला लाभ
करजी के किसान देवेश्वर प्रसाद कुशवाहा ने किसान तुंहर टोकन ऐप से डिजिटल धान खरीदी व्यवस्था की सराहना की। पारदर्शी प्रक्रिया से समय और श्रम की बचत हुई।
किसान तुंहर टोकन ऐप से बदली धान विक्रय की तस्वीर, करजी के किसान को मिली डिजिटल और पारदर्शी सुविधा
अंबिकापुर, 18 जनवरी 2026 | जिले से रिपोर्ट| जिले में धान उपार्जन की पारदर्शी और डिजिटल व्यवस्था किसानों के लिए राहत बनती जा रही है। शासन द्वारा लागू किसान तुंहर टोकन ऐप से अब धान विक्रय की प्रक्रिया आसान, सुव्यवस्थित और समय की बचत करने वाली हो गई है। ग्राम पंचायत करजी के किसान देवेश्वर प्रसाद कुशवाहा ने इस व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे किसान हित में बड़ा कदम बताया है।
किसान देवेश्वर प्रसाद कुशवाहा ने बताया कि उनके पास लगभग 72 क्विंटल धान का रकबा है। किसान तुंहर टोकन ऐप के माध्यम से अब वे घर बैठे मोबाइल से टोकन काट पा रहे हैं। ऑनलाइन टोकन व्यवस्था के चलते समिति के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है।
उन्होंने बताया कि टोकन जारी होते ही निर्धारित तिथि पर वे सीधे करजी धान उपार्जन केंद्र पहुंचे, जहां गेट पास जारी किया गया, नमी परीक्षण किया गया और तत्काल बारदाना उपलब्ध कराया गया। पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित होने के कारण धान विक्रय में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हुई।
किसान ने बताया कि उपार्जन केंद्र पर किसानों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं और समिति के कर्मचारी सहयोगात्मक भूमिका निभा रहे हैं, जिससे खरीदी प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो रही है।
देवेश्वर प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसानों को धान का 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य मिल रहा है तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक खरीदी की जा रही है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
उन्होंने बताया कि धान विक्रय से प्राप्त राशि का उपयोग वे गेहूं, तिलहन और सब्जी की खेती में कर रहे हैं, जिससे उनकी आय में लगातार वृद्धि हो रही है। किसान ने पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था के लिए शासन और मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसान हितैषी नीतियों से प्रदेश का किसान आत्मनिर्भर बन रहा है।












