Matrix Gas केस अपडेट: ईडी ने ₹32.28 करोड़ का लग्ज़री अपार्टमेंट कुर्क किया

Matrix Gas केस अपडेट: ईडी ने ₹32.28 करोड़ का लग्ज़री अपार्टमेंट कुर्क किया

नई दिल्ली/गुरुग्राम, 19 जनवरी 2026 | प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने Matrix Gas and Renewables Ltd. एवं Gensol Group से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी, HIU नई दिल्ली ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत अनंतिम कुर्की आदेश (PAO) जारी करते हुए ₹32.28 करोड़ मूल्य का लग्ज़री अपार्टमेंट कुर्क किया है।

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कुर्क की गई संपत्ति अपार्टमेंट नंबर 1516B, द मैगनोलियाज़, DLF फेज-5, वज़ीराबाद, गुरुग्राम (हरियाणा) में स्थित है, जो M/s Anvi Power Investment Pvt. Ltd. के नाम पर पंजीकृत है।

सरकारी ग्रीन हाइड्रोजन फंड के दुरुपयोग का आरोप

ईडी की जांच में सामने आया है कि यह संपत्ति GENSOL Group के चेयरमैन और प्रमुख प्रमोटर अनमोल सिंह जग्गी द्वारा Matrix Gas and Renewables Ltd. से डायवर्ट किए गए सरकारी फंड से खरीदी गई।

ईडी ने यह जांच CBI, STB नई दिल्ली द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी, जो MECON Limited की शिकायत पर दर्ज की गई थी।

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नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन से जुड़ा मामला

जांच में पाया गया कि नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन (NGHM) के तहत स्टील सेक्टर में पायलट प्रोजेक्ट्स के लिए सरकारी अनुदान स्वीकृत किया गया था।
इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए स्टील मंत्रालय ने MECON Ltd. को स्कीम इम्प्लीमेंटिंग एजेंसी नियुक्त किया था।

Matrix Gas and Renewables Ltd. इस योजना में सफल बोलीदाता बनी, जिसके बाद ₹32.28 करोड़ (कुल स्वीकृत अनुदान का 20%) की राशि जारी की गई।

पूरी राशि डायवर्ट करने का आरोप

ईडी के अनुसार, पायलट प्रोजेक्ट में राशि का उपयोग करने के बजाय Matrix Gas and Renewables Ltd. ने पूरी सरकारी राशि को परतदार (layered) लेन-देन के जरिए Gensol Group से जुड़ी विभिन्न कंपनियों में ट्रांसफर किया।
इन लेन-देन का उद्देश्य फंड के स्रोत को छिपाना और अंततः प्रमोटर्स के निजी लाभ के लिए उपयोग करना बताया गया है।

ईडी ने बताया कि इसी डायवर्ट की गई राशि से यह लग्ज़री अपार्टमेंट खरीदा गया, जिसे अब अपराध की आय (Proceeds of Crime) मानते हुए कुर्क किया गया है।

जांच जारी

ईडी ने स्पष्ट किया है कि मामले में आगे की जांच जारी है और आने वाले समय में और संपत्तियों पर कार्रवाई से इनकार नहीं किया गया है।