बलरामपुर: 5वीं-8वीं परीक्षा परिणाम पर DEO का बड़ा बयान, प्रगति पत्रक को लेकर दी जानकारी





बलरामपुर: कक्षा 5वीं एवं 8वीं परीक्षा परिणाम और प्रगति पत्रक पर DEO का स्पष्टीकरण

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बलरामपुर: कक्षा 5वीं एवं 8वीं परीक्षा परिणाम और प्रगति पत्रक पर DEO का स्पष्टीकरण

बलरामपुर, 01 जून 2026

कक्षा पांचवीं एवं आठवीं की केंद्रीकृत परीक्षा के परिणामों के संबंध में विभिन्न माध्यमों में प्रकाशित खबरों पर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने तत्काल संज्ञान लेते हुए तथ्यात्मक जानकारी साझा की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि परिणाम प्रक्रिया पूरी तरह से सुव्यवस्थित है और विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए नए निर्देश लागू किए गए हैं।

परिणामों की स्थिति

जिला शिक्षा अधिकारी ने जानकारी दी कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 हेतु आयोजित कक्षा 5वीं एवं 8वीं की केंद्रीकृत परीक्षा के परिणाम 30 अप्रैल 2026 को सफलतापूर्वक घोषित किए जा चुके हैं। इस वर्ष परिणामों का प्रदर्शन सराहनीय रहा है, जिसमें कक्षा 5वीं का उत्तीर्ण प्रतिशत 89.20 और कक्षा 8वीं का उत्तीर्ण प्रतिशत 87.53 दर्ज किया गया है।

नवीन प्रगति पत्रक और गुणवत्ता सुधार

प्रगति पत्रक तैयार करने में हो रही देरी की चर्चाओं पर विराम लगाते हुए DEO ने बताया कि विद्यार्थियों के समग्र एवं गुणवत्तापूर्ण मूल्यांकन हेतु इस वर्ष नवीन प्रगति पत्रक प्रारूप लागू किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक अभिलेखों को सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है।

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विभागीय अधिकारियों के अनुसार, पूर्व वर्षों में अंकसूचियों में नाम, अंक, ग्रेड और प्रतिशत जैसी विसंगतियां सामने आई थीं। इन त्रुटियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ही इस बार विद्यालय स्तर पर विशेष सावधानियां बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण

जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि संकुल स्तर पर प्रधान पाठकों और शिक्षकों को प्रगति पत्रक तैयार करने के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश प्रदान किए गए हैं। इस प्रक्रिया में निम्नलिखित प्रमुख चरणों को शामिल किया गया है:

  • विद्यार्थियों की मूल जानकारी का अनिवार्य सत्यापन।
  • अंक एवं ग्रेड का सावधानीपूर्वक मिलान।
  • अभिलेखों की दोहरी जांच (Double Checking) और गुणवत्ता नियंत्रण।
  • प्रमाणन संबंधी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन।

शिक्षकों को अंकों के संकलन, मूल्यांकन दिशा-निर्देशों एवं सत्यापन प्रक्रिया के लिए आवश्यक प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया गया है।

विभाग का स्पष्ट मानना है कि यह प्रक्रिया विद्यार्थियों के शैक्षणिक अभिलेखों की विश्वसनीयता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक विद्यार्थी को समयबद्ध और त्रुटिरहित प्रगति पत्रक प्राप्त हो, ताकि भविष्य में उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।