ताजा ख़बरेंदेशब्रेकिंग न्यूज़
Trending

भिलाई इस्पात संयंत्र के आधुनिकीकरण को मिली रफ्तार, प्रगति के हस्तक्षेप से बढ़ी क्षमता और कार्यकुशलता

भिलाई इस्पात संयंत्र का आधुनिकीकरण और विस्तार 2007 में स्वीकृत हुआ था, जो वर्षों तक लंबित रहा। प्रगति कार्यक्रम के हस्तक्षेप से परियोजना पूरी हुई और उत्पादन क्षमता में सुधार हुआ।

नई दिल्ली/भिलाई।भिलाई इस्पात संयंत्र के आधुनिकीकरण और विस्तार परियोजना को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB Hindi) के अनुसार, इस परियोजना को वर्ष 2007 में स्वीकृति मिली थी, लेकिन यह एक दशक से अधिक समय तक लंबित रही।

WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.27.06 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 8.56.40 PM (1)
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.09.46 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.06.54 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.17.22 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.12.09 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.19.42 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.04.25 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.31.09 PM
WhatsApp-Image-2026-01-04-at-3.52.07-PM-1-207x300 (1)
53037c58-1c56-477e-9d46-e1b17e179e86

मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी में बताया गया है कि प्रगति (PRAGATI) कार्यक्रम के हस्तक्षेप के बाद आधुनिकीकरण कार्यक्रम को पूरा किया गया। इसके परिणामस्वरूप भिलाई इस्पात संयंत्र की उत्पादन क्षमता और कार्यकुशलता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

प्रगति कार्यक्रम का उद्देश्य केंद्र और राज्य स्तर की प्रमुख परियोजनाओं की नियमित समीक्षा कर उन्हें समयबद्ध रूप से पूरा करना है। भिलाई इस्पात संयंत्र का मामला इसका उदाहरण माना जा रहा है, जहां लंबे समय से अटकी परियोजना को गति मिली।

इस परियोजना के पूरा होने से न केवल इस्पात उत्पादन को बढ़ावा मिला है, बल्कि क्षेत्रीय रोजगार और औद्योगिक विकास को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

 

Ashish Sinha

e6e82d19-dc48-4c76-bed1-b869be56b2ea (2)
WhatsApp Image 2026-01-04 at 4.02.37 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.36.04 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.39.12 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.44.45 PM (1)

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!