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हरिद्वार: अमित शाह ने किया पतंजलि इमरजेंसी हॉस्पिटल का उद्घाटन, आधुनिक और आयुर्वेदिक इलाज का संगम

हरिद्वार में पतंजलि इमरजेंसी एवं क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल का उद्घाटन, आधुनिक और पारंपरिक चिकित्सा का राष्ट्रीय मॉडल

हरिद्वार।भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था में एक नए अध्याय की शुरुआत करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हरिद्वार में पतंजलि इमरजेंसी एवं क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पतंजलि अब केवल योग और आयुर्वेद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आधुनिक चिकित्सा और पारंपरिक उपचार पद्धतियों के समन्वय के माध्यम से देश को एक समग्र स्वास्थ्य मॉडल दे रहा है।

अमित शाह ने कहा कि आज देश को ऐसे स्वास्थ्य संस्थानों की आवश्यकता है जो आपात परिस्थितियों में त्वरित और विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध कराने के साथ-साथ भारतीय चिकित्सा परंपरा को भी सम्मान दें। पतंजलि का यह नया अस्पताल इसी सोच का परिणाम है।

250 बेड वाला अत्याधुनिक अस्पताल

हरिद्वार में स्थापित यह अस्पताल 250 बेड की क्षमता वाला है और इसमें इमरजेंसी सर्विस, ट्रॉमा केयर यूनिट, ICU, कार्डियोलॉजी विभाग सहित कई आधुनिक चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध हैं। गंभीर दुर्घटनाओं, हार्ट अटैक, स्ट्रोक और अन्य आपात रोगों के उपचार के लिए इसे विशेष रूप से तैयार किया गया है।

अमित शाह ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में इस तरह की सुविधाओं की विशेष आवश्यकता है, जहाँ समय पर इलाज न मिलने से कई बार जान का खतरा बढ़ जाता है। यह अस्पताल न केवल हरिद्वार बल्कि आसपास के जिलों और राज्यों के लिए भी जीवनरक्षक सिद्ध होगा।

आधुनिक चिकित्सा के साथ आयुर्वेद का समावेश

इस अस्पताल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ एलोपैथी के साथ-साथ आयुर्वेद, नेचुरोपैथी, पंचकर्म और एक्यूप्रेशन जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियाँ भी उपलब्ध कराई जाएँगी। अमित शाह ने कहा कि भारत की चिकित्सा परंपरा हजारों वर्ष पुरानी है और आज विश्व भी इसकी ओर आकर्षित हो रहा है।

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उन्होंने कहा कि रोग का उपचार केवल दवा से नहीं, बल्कि जीवनशैली, आहार और मानसिक संतुलन से भी जुड़ा होता है। पतंजलि अस्पताल इसी समग्र दृष्टिकोण को अपनाकर कार्य करेगा।

आपात सेवाओं में बड़ा सुधार

पतंजलि इमरजेंसी हॉस्पिटल को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि किसी भी आपात स्थिति में “गोल्डन ऑवर” का पूरा लाभ मरीज को मिल सके। ट्रॉमा केयर यूनिट और ICU को आधुनिक मशीनों और प्रशिक्षित डॉक्टरों से लैस किया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह अस्पताल उत्तर भारत में आपात स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को नई ऊँचाई देगा और सरकारी व निजी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए एक उदाहरण बनेगा।

आत्मनिर्भर भारत और स्वास्थ्य क्षेत्र

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत विज़न में स्वास्थ्य क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। देश को ऐसी संस्थाओं की आवश्यकता है जो आधुनिक तकनीक के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा को भी आगे बढ़ाएँ।

पतंजलि द्वारा स्थापित यह अस्पताल उसी दिशा में एक मजबूत कदम है, जहाँ इलाज केवल व्यवसाय नहीं बल्कि सेवा और साधना के रूप में देखा जाता है।

आम जनता को होगा सीधा लाभ

इस अस्पताल के शुरू होने से हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाली आम जनता को बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। गंभीर मरीजों को अब दिल्ली, देहरादून या चंडीगढ़ ले जाने की मजबूरी कम होगी।

स्थानीय लोगों ने भी इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे न केवल स्वास्थ्य सुविधाएँ बढ़ेंगी बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

भविष्य की योजना

पतंजलि प्रबंधन के अनुसार आने वाले समय में इस अस्पताल को मेडिकल रिसर्च, ट्रेनिंग और टेलीमेडिसिन से भी जोड़ा जाएगा, जिससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाई जा सकें।

 

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