Union Budget 2026–27: एविएशन सेक्टर को बढ़ावा, नागरिक प्रशिक्षण और अन्य विमानों के निर्माण में लगने वाले पुर्जों पर कस्टम ड्यूटी माफ

नई दिल्ली, 1 फरवरी 2026/ Union Budget 2026–27 में केंद्र सरकार ने एविएशन सेक्टर को मजबूती देने की दिशा में अहम कदम उठाया है। केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान घोषणा की कि नागरिक प्रशिक्षण विमानों (Civilian Training Aircraft) और अन्य विमानों के निर्माण में उपयोग होने वाले कंपोनेंट्स और पार्ट्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) से छूट दी जाएगी।

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM

वित्त मंत्री ने कहा कि इस फैसले का उद्देश्य भारत में विमान निर्माण को बढ़ावा देना, आयात लागत को कम करना और देश को एविएशन मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करना है। कस्टम ड्यूटी हटने से विमान निर्माण की लागत घटेगी, जिससे घरेलू कंपनियों को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलेगा।

पायलट ट्रेनिंग और एविएशन इकोसिस्टम को लाभ

विशेषज्ञों के अनुसार यह फैसला पायलट ट्रेनिंग सेक्टर के लिए भी बेहद अहम साबित होगा। नागरिक प्रशिक्षण विमानों की लागत कम होने से फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (FTOs) को फायदा मिलेगा और देश में पायलट प्रशिक्षण को और किफायती बनाया जा सकेगा।

भारत में नागरिक उड्डयन तेजी से विस्तार कर रहा है और आने वाले वर्षों में हजारों नए पायलटों और तकनीकी विशेषज्ञों की जरूरत होगी। ऐसे में यह कदम मानव संसाधन विकास और रोजगार सृजन में भी सहायक माना जा रहा है।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
17a09f88-37fa-496a-8923-b0e0bac9f15d

मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत को मजबूती

सरकार का मानना है कि यह निर्णय मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई गति देगा। विमान निर्माण में उपयोग होने वाले पुर्जों पर कस्टम ड्यूटी समाप्त होने से घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहन मिलेगा और विदेशी कंपनियां भी भारत में उत्पादन के लिए आकर्षित होंगी।

BJP ने इस घोषणा को #ViksitBharatBudget के तहत साझा करते हुए कहा कि मोदी सरकार एविएशन, डिफेंस और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भारत की क्षमताओं को मजबूत करने के लिए लगातार नीतिगत सुधार कर रही है।

एविएशन इंडस्ट्री में निवेश बढ़ने की उम्मीद

उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले से भारत में एविएशन मैन्युफैक्चरिंग, मेंटेनेंस और सप्लाई चेन से जुड़े क्षेत्रों में निवेश बढ़ेगा। साथ ही, यह कदम भारत को क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर विमान निर्माण और प्रशिक्षण के क्षेत्र में मजबूत स्थिति दिला सकता है।

सरकार का कहना है कि यह बजट प्रस्ताव विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप है, जहां आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, कौशल विकास और उन्नत तकनीक के जरिए देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास किया जा रहा है।