Bastar Naxal Update: पीएम मोदी और अमित शाह के मार्गदर्शन में बस्तर नक्सलमुक्ति के बेहद करीब, 2 साल में 500 से ज्यादा नक्सली न्यूट्रलाइज

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कुशल मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की सुशासन आधारित सख्त नीतियों का असर अब जमीन पर साफ दिखाई देने लगा है। कभी नक्सल हिंसा के लिए कुख्यात रहा बस्तर अंचल अब नक्सलमुक्ति के बेहद करीब पहुंच चुका है।

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो वर्षों में 500 से अधिक नक्सलियों का न्यूट्रलाइजेशन किया गया है, जबकि 2400 से ज्यादा नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का रास्ता चुना है। यह उपलब्धि बस्तर में शांति, सुरक्षा और विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक बदलाव का संकेत है।


सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता

बस्तर संभाग में डीआरजी, सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन और छत्तीसगढ़ पुलिस की संयुक्त कार्रवाइयों से नक्सलियों की कमर टूट चुकी है। लगातार चलाए जा रहे एंटी नक्सल ऑपरेशनों के चलते नक्सली नेटवर्क कमजोर हुआ है और शीर्ष कैडर के कई बड़े नक्सली ढेर किए गए हैं।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

आत्मसमर्पण नीति से बढ़ा विश्वास

राज्य सरकार की नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से नक्सल प्रभावित युवाओं में विश्वास बढ़ा है। बेहतर पुनर्वास पैकेज, आवास, रोजगार, शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण के चलते बड़ी संख्या में नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं।


विकास कार्यों से बदली बस्तर की तस्वीर

नक्सल नियंत्रण के साथ-साथ सरकार ने सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, मोबाइल कनेक्टिविटी और रोजगार पर विशेष फोकस किया है। सुदूर अंचलों तक सड़क और मोबाइल नेटवर्क पहुंचने से प्रशासन की पकड़ मजबूत हुई है और आम जनता को सीधा लाभ मिल रहा है।


सीएम विष्णु देव साय का संदेश

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि,
हमारा लक्ष्य बस्तर को पूरी तरह नक्सलमुक्त बनाकर विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। सुरक्षा, सुशासन और संवेदनशील प्रशासन के माध्यम से हम यह लक्ष्य शीघ्र हासिल करेंगे।

पिछले दो वर्षों में मिली ये बड़ी सफलताएं यह साबित करती हैं कि छत्तीसगढ़ अब डर के साये से बाहर निकलकर विश्वास और विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में बस्तर के पूरी तरह नक्सलमुक्त होने की उम्मीद और भी प्रबल हो गई है।