Kerala का नाम बदलेगा: Union Cabinet ने ‘Keralam’ प्रस्ताव को दी मंजूरी

केरल का नाम बदलेगा: ‘Kerala’ से ‘Keralam’ करने के फैसले पर केंद्र की मुहर

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
c3bafc7d-8a11-4a77-be3b-4c82fa127c77 (1)

नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम। राज्य की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने ‘Kerala’ का नाम बदलकर ‘Keralam’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल के इस निर्णय को राज्य की जनता की भावना के अनुरूप बताया जा रहा है। सरकार का कहना है कि यह कदम केरल की समृद्ध परंपरा और ऐतिहासिक विरासत से जुड़ाव को और मजबूत करेगा।

यह प्रस्ताव पहले Kerala Legislative Assembly द्वारा पारित किया गया था, जिसमें राज्य का आधिकारिक अंग्रेजी नाम ‘Kerala’ के स्थान पर ‘Keralam’ करने का आग्रह केंद्र से किया गया था। राज्य सरकार का तर्क रहा है कि ‘Keralam’ मलयालम भाषा में राज्य का मूल और प्रचलित नाम है, इसलिए इसे आधिकारिक रूप से मान्यता दी जानी चाहिए।

क्या होगा बदलाव?

सभी आधिकारिक दस्तावेजों, अधिसूचनाओं और संचार में ‘Keralam’ नाम का उपयोग किया जाएगा।

केंद्र और राज्य स्तर पर प्रशासनिक प्रक्रियाओं में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।

mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

अंतरराष्ट्रीय मंचों और संवैधानिक दस्तावेजों में नाम परिवर्तन के लिए औपचारिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

सांस्कृतिक पहचान को बल

राज्य सरकार का मानना है कि ‘Keralam’ नाम ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अधिक प्रामाणिक है। यह बदलाव राज्य की भाषाई और सांस्कृतिक विरासत के सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के कई राज्यों और शहरों ने अपनी स्थानीय पहचान के अनुरूप नाम परिवर्तन किए हैं, और यह उसी श्रृंखला का एक कदम है।

आगे की प्रक्रिया

नाम परिवर्तन को पूरी तरह लागू करने के लिए संवैधानिक और प्रशासनिक औपचारिकताएँ पूरी की जाएंगी। संबंधित मंत्रालयों को दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, जिसके बाद राजपत्र अधिसूचना प्रकाशित होगी।

सरकार का कहना है कि यह निर्णय राज्य की जनता की आकांक्षाओं का सम्मान करता है और भारतीय संघीय ढांचे में राज्यों की सांस्कृतिक विशिष्टता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है।