
Chhattisgarh Politics: TS सिंहदेव का बयान, मीडिया ट्रायल और लोकतंत्र पर सवाल
टीएस सिंहदेव ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि लोकतंत्र में बेवजह मीडिया ट्रायल नहीं होना चाहिए। उन्होंने केजरीवाल पर कांग्रेस नेताओं के खिलाफ माहौल बनाने और भाजपा को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया।
T. S. Singh Deo का बयान: ‘लोकतंत्र में बेवजह ट्रायल नहीं होना चाहिए’
अम्बिकापुर/नई दिल्ली, 28 फरवरी 2026।छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री T. S. Singh Deo ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक बयान जारी कर दिल्ली की राजनीति और मीडिया ट्रायल को लेकर टिप्पणी की है।
उन्होंने लिखा कि आरोप खारिज होने के बाद Arvind Kejriwal का भावुक होना मार्मिक था, लेकिन लोकतंत्र में बेवजह ट्रायल नहीं होना चाहिए।
‘भाजपा और संघ के साथ मिलकर कांग्रेस के खिलाफ माहौल बनाया’
सिंहदेव ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि केजरीवाल ने भाजपा और संघ के साथ मिलकर कांग्रेस के खिलाफ, पूर्व प्रधानमंत्री Manmohan Singh, Sonia Gandhi और दिल्ली की तत्कालीन मुख्यमंत्री Sheila Dikshit के खिलाफ झूठे आरोपों का माहौल बनाया और मीडिया ट्रायल करवाया।
उन्होंने कहा कि बाद में दिल्ली के लिए अपेक्षित सुधार नहीं हो पाए—न लोकपाल बिल पारित हुआ, न ही मोहल्ला क्लीनिक व्यवस्था अपेक्षित स्तर पर चली।
‘अंतरिम सरकार’ जैसी स्थिति का आरोप
सिंहदेव ने यह भी लिखा कि इतने दिनों तक दिल्ली में एक तरह की अंतरिम सरकार चली, जिससे भाजपा को राजनीतिक लाभ मिला। उन्होंने कहा कि त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति में केजरीवाल की रणनीति अक्सर भाजपा के पक्ष में नजर आती है।
लोकतंत्र और जवाबदेही पर जोर
अपने बयान के अंत में सिंहदेव ने सुधार की अपेक्षा जताते हुए कहा कि लोकतंत्र में जवाबदेही जरूरी है, लेकिन बिना आधार के मीडिया ट्रायल उचित नहीं है।
राजनीतिक हलकों में इस बयान को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और इसे आगामी चुनावी समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।











