
विश्व ग्लूकोमा सप्ताह: कांकेर में निकली जागरूकता रैली, आंखों की जांच कराने की अपील
कांकेर में विश्व ग्लूकोमा सप्ताह के तहत जागरूकता रैली निकाली गई। डॉक्टरों ने काला मोतिया के लक्षण, बचाव और समय पर आंखों की जांच के महत्व के बारे में जानकारी दी।
विश्व ग्लूकोमा सप्ताह पर कांकेर में जागरूकता रैली, आंखों की जांच कराने की अपील
उत्तर बस्तर कांकेर, 12 मार्च 2026।स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा विश्व ग्लूकोमा सप्ताह के अंतर्गत 8 से 14 मार्च तक अंधत्व एवं अल्पदृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध कोमलदेव जिला चिकित्सालय कांकेर से नगर के प्रमुख मार्गों पर जागरूकता रैली निकाली गई और नागरिकों को ग्लूकोमा (काला मोतिया) के लक्षण एवं जांच के बारे में जानकारी दी गई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.सी. ठाकुर ने बताया कि ग्लूकोमा आंखों की गंभीर बीमारी है, जो प्रायः 40 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में पाई जाती है। यह रोग धीरे-धीरे आंखों की रोशनी को प्रभावित करता है और समय पर उपचार न होने पर दृष्टि हानि का कारण बन सकता है।
उन्होंने बताया कि दृष्टि में धीरे-धीरे कमी आना, आंखों में लालिमा, अचानक दृष्टि का जाना, आंखों में तेज दर्द, धुंधली दृष्टि, तेज रोशनी के आसपास इंद्रधनुष जैसे गोले दिखना तथा चश्मे के नंबर में बार-बार बदलाव होना इसके सामान्य लक्षण हैं।
इस दौरान नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. मोनिका महिलांग और अंधत्व एवं अल्पदृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ. सरिता कुमेटी ने ग्लूकोमा के कारण, बचाव और समय पर जांच के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने पोस्टर प्रेजेंटेशन के माध्यम से जनजागरूकता फैलाने का प्रयास किया। साथ ही शहर में रैली निकालकर लोगों को आंखों की नियमित जांच कराने के लिए प्रेरित किया गया।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग कांकेर ने जिलावासियों से अपील की है कि विश्व ग्लूकोमा सप्ताह के दौरान अधिक से अधिक लोग अपनी आंखों की जांच कराएं, ताकि समय रहते बीमारी का पता लगाकर उपचार किया जा सके।











