
बिजली, गैस और धान खरीदी के मुद्दे पर कांग्रेस का हल्ला बोल
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस 17 मार्च को विधानसभा का घेराव करेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मनरेगा, महंगाई, बिजली दरों और किसानों के मुद्दों को लेकर बड़े आंदोलन की घोषणा की है।
रायपुर, 15 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ में विभिन्न जन मुद्दों को लेकर कांग्रेस 17 मार्च को विधानसभा का घेराव करेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Deepak Baij ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि मनरेगा बचाओ संग्राम सहित कई स्थानीय मुद्दों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
दीपक बैज ने कहा कि बिजली के दामों में बढ़ोतरी, किसानों से किए गए वादों से कथित धोखा, धान खरीदी में वादा खिलाफी और गैस सिलेंडर के बढ़ते दाम जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस विधानसभा का घेराव करेगी। इस कार्यक्रम में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी महासचिव Sachin Pilot सहित राज्य के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, कार्यकर्ता और आम नागरिक बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि विधानसभा घेराव के लिए जिलावार और विधानसभा क्षेत्रवार प्रभारियों की नियुक्ति कर दी गई है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से कांग्रेस कार्यकर्ता रायपुर पहुंचकर इस कार्यक्रम में भाग लेंगे। घेराव की तैयारियों को लेकर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में दो बैठकें हो चुकी हैं और जिलों में भी लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के स्वरूप में बदलाव कर उसे कमजोर करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने और इसे कानून की जगह योजना के रूप में बदलने की कोशिश की जा रही है, जो इसे समाप्त करने की साजिश है।
उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद मनरेगा के तहत काम लगभग बंद हो गया है, जिसके कारण प्रदेश के मजदूरों को दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ रहा है।
बैज ने कहा कि मनरेगा के नए स्वरूप में केंद्र सरकार ने योजना में केंद्रांश को घटाकर केंद्र और राज्य के बीच 60-40 का अनुपात कर दिया है, जबकि पहले यह पूरी तरह से केंद्र पोषित योजना थी। उनका कहना है कि जब पहले ही कई राज्य सरकारें इस योजना को लागू करने में कोताही बरतती थीं, तो अब राज्य को 40 प्रतिशत राशि वहन करनी होगी, जिससे इसके प्रभावी क्रियान्वयन में और कठिनाई आ सकती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यूपीए सरकार ने मनरेगा के माध्यम से ग्रामीणों को रोजगार की कानूनी गारंटी दी थी, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की भाजपा सरकार इसे कमजोर करने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस के अनुसार पिछले कई वर्षों में मनरेगा के बजट में लगातार कटौती हुई है और मजदूरी में बहुत कम वृद्धि हुई है, जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है।





