फाइबर बोतल में शराब और नई दुकानों पर सियासत तेज

रायपुर, 15 मार्च 2026 । छत्तीसगढ़ में नई आबकारी नीति को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर शराब की बिक्री बढ़ाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस प्रवक्ता Vandana Rajput ने कहा कि शराबबंदी की बात करने वाली भाजपा सरकार अब राज्य में शराबखोरी को बढ़ावा दे रही है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि 1 अप्रैल से फाइबर की बोतल में शराब उपलब्ध कराई जाएगी और इसके साथ ही 35 नई शराब दुकानों को भी खोला जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि शराब की काली कमाई के लालच में सरकार ने पिछले दो वर्षों में कई बार आबकारी नीति में बदलाव किया है।
वंदना राजपूत ने कहा कि पहले से संचालित लगभग 700 दुकानों में कंपोजिट व्यवस्था लागू कर दी गई है, जिसके तहत अंग्रेजी शराब दुकानों में देसी शराब और देसी दुकानों में अंग्रेजी शराब की बिक्री की अनुमति दी गई है। इससे पुरानी दुकानों की क्षमता लगभग दोगुनी हो गई है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 67 नई शराब दुकानें खोली गई थीं, जिनका व्यापक विरोध हुआ था और अब नई नीति में 35 और दुकानें खोलने का फैसला किया गया है।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार राज्य में शराब की बिक्री बढ़ाने के लिए लगातार फैसले ले रही है। वंदना राजपूत ने कहा कि हाल ही में Ambikapur में सी-मार्ट को बंद कर प्रीमियम शराब दुकान खोली गई और नई आबकारी नीति के तहत और भी प्रीमियम दुकानों को खोलने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में पड़ोसी राज्यों Madhya Pradesh, Maharashtra और Odisha से शराब तस्करी के मामले भी बढ़े हैं। कोचियों और बिचौलियों का कारोबार खुलेआम चल रहा है और नाबालिगों तक अवैध नशे की सामग्री पहुंचने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि प्रदेश में शराब की कोचियागिरी बड़े पैमाने पर जारी है और नकली सरकारी होलोग्राम लगाकर शराब बेचे जाने की खबरें भी मिल रही हैं। Rajnandgaon और Mungeli समेत कई जगहों से शिकायतें आ रही हैं कि सरकारी दुकानों से अतिरिक्त पैसे लेकर मोहल्लों में शराब पहुंचाई जा रही है। हाल ही में Dongargarh के एक बॉटलिंग प्लांट में शराब में पानी मिलाने का मामला भी सामने आया है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अवैध और नकली शराब का कारोबार सत्ता के संरक्षण में फल-फूल रहा है। पार्टी का कहना है कि भाजपा सरकार बनने के बाद अवैध शराब की बिक्री और दूसरे राज्यों से तस्करी के मामले बढ़े हैं।
वंदना राजपूत ने कहा कि राज्य की Vishnu Deo Sai सरकार के फैसलों से साफ है कि भाजपा का शराबबंदी का दावा केवल राजनीतिक दिखावा था। उन्होंने कहा कि सरकार के फैसलों से यह स्पष्ट है कि भाजपा नेताओं का फोकस कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार पर है।

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