
गरियाबंद: नगरीय निकायों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर के सख्त निर्देश, राजस्व वसूली और विकास कार्यों पर जोर
गरियाबंद में कलेक्टर बीएस उईके ने नगरीय निकायों की समीक्षा कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, राजस्व वसूली, अवैध निर्माण पर कार्रवाई और जल संरक्षण के निर्देश दिए।
नगरीय निकायों की समीक्षा बैठक: योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और राजस्व वसूली बढ़ाने के निर्देश
गरियाबंद, 17 मार्च 2026।कलेक्टर बीएस उईके ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में नगरीय निकायों में संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए नगरीय निकायों को व्यवस्थित और सुदृढ़ बनाया जाए।
बैठक में कलेक्टर ने योजनाओं के लक्ष्य और उनकी पूर्ति की प्रगति की जानकारी ली। कोपरा, फिंगेश्वर, राजिम, गरियाबंद, देवभोग और छुरा नगरीय निकायों में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधोसंरचना मद के अंतर्गत निर्माणाधीन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही प्रगतिरत कार्यों का निरीक्षण कर गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा।
कलेक्टर ने नगरीय निकायों में राजस्व वसूली को विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप वसूली करने के निर्देश दिए। कुछ निकायों में कम वसूली पर नाराजगी जताते हुए सुधार के निर्देश दिए गए। अवैध निर्माण पर सख्त कार्रवाई करने, गलियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने, नाली निर्माण, सड़क निर्माण, सीसीटीवी और स्ट्रीट लाइट लगाने पर भी जोर दिया गया, ताकि आम जनता की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
कोपरा क्षेत्र में संकरी गलियों के कारण अवैध निर्माण पर रोक लगाने और घरों-दुकानों के सामने सड़कों एवं गलियों में किए गए अतिरिक्त शेड हटाने के निर्देश दिए गए। नगरीय निकायों में चल रहे कार्यों का सतत निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए गए।
कलेक्टर बीएस उईके ने विधायक मद एवं सांसद मद से स्वीकृत कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए उन्हें शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। निर्माणाधीन कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समयसीमा में पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया।
गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए जल संकट से निपटने के लिए जल संचयन एवं जल संरक्षण के प्रति जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही फिंगेश्वर, राजिम, देवभोग और छुरा जैसे क्षेत्रों में संभावित जल संकट को देखते हुए बोर खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश भी दिए गए।












