
कांग्रेस ने कृषि मुद्दों पर केंद्र को घेरा: GVA में गिरावट, MSP और बजट बढ़ाने की मांग
कांग्रेस ने कृषि क्षेत्र की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा—46% आबादी कृषि पर निर्भर, लेकिन GVA में योगदान मात्र 18%। MSP, बजट वृद्धि, फसल बीमा और सस्ती ऋण सुविधा की मांग उठाई।
कृषि मुद्दों पर कांग्रेस का हमला, MSP और बजट बढ़ाने की मांग
नई दिल्ली। Indian National Congress ने देश की कृषि व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का कहना है कि देश की लगभग 46% आबादी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है, लेकिन Gross Value Added (GVA) में इसका योगदान केवल 18% रह गया है।
कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जिस क्षेत्र पर देश की आधी आबादी निर्भर है, उसकी हिस्सेदारी लगातार क्यों घट रही है। पार्टी के अनुसार, कृषि में रिसर्च और तकनीक के अभाव के कारण किसान आधुनिक खेती की ओर नहीं बढ़ पा रहे हैं।
पार्टी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि को लेकर भी निशाना साधते हुए कहा कि यह योजना किसानों के लिए “सम्मान” नहीं बल्कि “अपमान” बनती जा रही है। कांग्रेस ने दावा किया कि देश में किसान कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं और आत्महत्या की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं।
इस मुद्दे पर K. L. Sharma ने वर्ष 2025-26 के लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुदानों पर चर्चा के दौरान विस्तृत वक्तव्य दिया।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें:
कृषि बजट में वृद्धि और सम्मान निधि की राशि बढ़ाई जाए
सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित किया जाए
फसल बीमा योजना के लंबित दावों का जल्द निपटारा किया जाए
NABARD के माध्यम से किसानों को सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराया जाए
अमेठी और रायबरेली में आवारा पशुओं की समस्या का समाधान किया जाए
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को देखते हुए उर्वरकों (फर्टिलाइजर) की संभावित कमी से निपटने के लिए अग्रिम तैयारी की जाए
कांग्रेस ने कहा कि यदि समय रहते इन मुद्दों पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इसका सीधा असर देश की खाद्य सुरक्षा और किसानों की आजीविका पर पड़ेगा।











